
महंगाई अपने चरम पर है। ये सभी जानते है कि दिन प्रतिदिन महंगाई घटनी नहीं बल्कि बढ़नी है। यदि आप महंगाई सेबचकर घर बनवाना चाहते हैं तो अपने सपनों का आशियाना अभी बनवा लीजिए। आग दाम घटने के बजाए बढ़ने ही है। ऐसे में बिल्डिंग मटेरियल के बढ़े दामों में गिरावट का फायदा ले सकते हैं। दरअसल, तपती दुपहरिया में भीषण गर्मी में श्रमिक न मिलने और थमे निर्माण कार्यों से कम हुई डिमांड ने सरिया के भाव में नरमी ला दी है। करीब 7,000 रुपये टन का अंतर आया है। वहीं, छह डिजिट का आंकड़ा पार कर रहे बडे़ ब्रांड के दाम में भी चार से पांच हजार रुपये की गिरावट दर्ज की गई है। कम कीमत में घर बनवा सकते हैं
उत्देतर प्रदेश समेत देशभर के कई राज्य मध्यप्रदेश, रायपुर औदि तमाम राज्यों में सरिया के दामों में गिरावट आई है। बता दें कि गैलेंट समेत तमाम लोकल ब्रांड ने अप्रैल महीने 82,000 हजार रुपये टन तक पहुंच गए थे। टाटा और जिंदल जैसे सरिया के बड़े ब्रांड छह डिजिट का आंकड़ा पार कर चुके थे। करीब एक लाख रुपये टन तक इनके रेट पहुंच गए थे। लेकिन बीते दिनों 7 हजार से लेकर 5 हजार रुपए तक की गिरावट आई है। इसका फायदा आप घर बनवाने में ले सकते हैं। लोकल सरिया ब्रांड के दाम 66,000 -82,000 -77,000 -74,000 है। वहीं, नामी-गिरामी कंपनियों वाले ब्रांड 70,000 -80,000 -98,000 से 1,00,000 और 96,000 दाम रहे।
सीमेंट के दामों में स्थिरिता
अभी आप घर बनवाएंगे तो सीमेंट के स्थिर दामों का लाभ ले सकते हैं। कारोबोरी क्षितिज कटियार ने बताया कि एसीसी जेके जैसी सीमेंट दाम अभी 350 से लेकर 390 रुपए प्रति बोरी है। लगभग सभी राज्यों के लिए यही दाम है। जल्द ही दामों में 30-40 रुपए का इजाफा होने वाला है। लखनऊ परिक्षेत्र में लगभग 2 लाख टन महीने यानी लगभग 40 लाख बोरी की खपत होती है
मौरंग के दामों में आएगा उछाल
मौरंग विक्रेताओं का कहना है कि अभी मौरंग का ऑन सीजन चल रहा है। मौरंग डंप हो रही है। इसलिए मौरंग के दामों में नरमी है। मौरंग खदानों के बंद होते ही अचानक से दाम में बढ़ोत्तरी आएगी। अभी मौरंग की कीमत 65,000 रुपए ट्रक से लेकर 68 हजार रुपए तक है। लेकिन जल्द ही ये कीमते 73-75 हजार तक पहुंच सकती है।