लखनऊ के इंदिरानगर लखनऊ में इंस्टीट्यूट ऑफ एप्लाइड डर्मेटोलॉजी (आईएडी) सेंटर खोला गया है, जहां फाइलेरिया मरीजों को देखभाल के तरीके योग और प्राणायाम सिखाया जाता है।
उत्तर प्रदेश सरकार ने योग के माध्यम से फाइलेरिया से निपटने में महत्वपूर्ण प्रगति की है, जबकि नियमित योग और व्यायाम से फाइलेरिया के मरीजों का जीवन काफी बेहतर हुआ है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश और स्वास्थ्य विभाग के मार्गदर्शन में सहयोगी संगठन लंबे समय से समाज से अलग- थलग पड़े फाइलेरिया के मरीजों को मुख्यधारा में वापस लाने के लिए काम कर रहे हैं।
इसी क्रम में क्षेत्रीय आयुर्वेद अनुसंधान संस्थान, इंदिरानगर लखनऊ में इंस्टीट्यूट ऑफ एप्लाइड डर्मेटोलॉजी (आईएडी) सेंटर खोला गया है, जहां फाइलेरिया मरीजों को देखभाल के तरीके, योग व प्राणायाम सिखाया जाता है। फाइलेरिया नेटवर्क और पेशेंट सपोर्ट ग्रुप के कई मरीजों ने देखभाल के सही तरीके सीखकर जीवन को सहज बनाया है।
योग, व्यायाम और फाइलेरिया प्रभावित अंगों की सूजन के प्रबंधन के बीच के संबंध को समझाते हुए इंस्टीट्यूट ऑफ एप्लाइड डर्मेटोलॉजी के योग परामर्शदाता संदीप कुमार ने बताया कि उपचार प्रोटोकॉल में सूक्ष्म व्यायाम, आसन, प्राणायाम, मुद्रा और शवासन शामिल हैं। इलाज के साथ-साथ 14 दिनों तक नियमित योग और व्यायाम कराया जाता है। इसके बाद फॉलो-अप किया जाता है, तो मरीज कहते हैं कि अब तो अंधेरी सुरंग से प्रकाश की ओर आने जैसा महसूस होता है।