- सपा-बसपा के बाद अब भाजपा भी अपने प्रेरक महापुरुषों की याद में बनाएगी पार्क- लोहिया पार्क, अंबेडकर पार्क और जनेश्वर मिश्र पार्क के बाद अब राष्ट्रीय प्रेरणा स्थल पार्क
लखनऊ. उत्तर प्रदेश में विभिन्न सियासी दलों की राजनीतिक प्रतिबद्धताएं भले ही भिन्न-भिन्न हों और वे अपने महापुरुषों की यादगार में राजधानी में लखनऊ में पार्कों बनाने की पहल कर रहे हैं, लेकिन अच्छी बात यह है कि इससे राजधानी की आबोहवा सुधर रही है और लोगों को सुबह-सुबह शुद्ध प्राण-वायु मिल रही है। अंबेडकर पार्क, लोहिया पार्क और जनेश्वर मिश्र पार्क के बाद अब राष्ट्रीय प्रेरणा स्थल पार्क निर्माण की घोषणा भाजपा ने की है। इस पार्क में पार्टी की विचारधारा से मेल खाने वाले महापुरुषों की प्रतिमाओं को लगाने के साथ ही 'फूलों की घाटी' बटरफ्लाई गार्डन और फलों का बाग विकसित करने की तैयारी है। इससे न सिर्फ शहर की आबोहवा बेहतर होगी, बल्कि राजधानी में घूमने वालों के लिए विकल्प और बढ़ जाएंगे। गौरतलब है कि सपा सरकार में राममनोहर लोहिया और जनेश्वर मिश्र के नाम पर खूबसूरत बनवाये गये, वहीं बसपा सरकार ने अपने कार्यकाल में दलित चिंतकों, समाज सुधारकों, दलित चेतना के नायकों को समर्पित कई स्थल विकसित किये।
उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार भारतीय जनता पार्टी की विचारधारा से मेल खाने वाले शख्सियतों को केंद्र में रखकर लखनऊ में राष्ट्रीय प्रेरणा स्थल विकसित करने जा रही है। यहां डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी, पंडित दीनदयाल उपाध्याय, सरदार वल्लभ भाई पटेल और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमाएं लगवाई जाएंगी। साथ ही इस स्थल पर एक लाख से ज्यादा लोगों की क्षमता वाला जनसभा केंद्र भी विकसित किया जाएगा। सूत्रों के मुताबिक, प्रेरणा स्थल के लिए वसंतकुंज योजना में प्रस्तावित 'सिटी फॉरेस्ट' या फिर उसकी जमीन के एक हिस्से को इस्तेमाल किया जाएगा। लखनऊ विकास प्राधिकरण ने शासन को इसका प्रस्ताव भेज दिया है। प्रेरणा स्थल के लिए सिटी फॉरेस्ट के किसी एक हिस्से का इस्तेमाल किया जाएगा या पूरी जमीन का, इसका फैसला मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करेंगे।
ऐसा होगा योगी सरकार का राष्ट्रीय प्रेरणा स्थल
राजधानी लखनऊ के वसंतकुंज में गोमती नदी के किनारे और बंधे के बीच खाली पड़ी जमीन पर सिटी फॉरेस्ट की जमीन ही राष्ट्रीय प्रेरणा स्थल के लिए तय मानी जा रही है। इनमें महापुरुषों की प्रतिमाओं के अलावा फूलों की 'घाटी' से लेकर मल्टी ऐक्टिविटी सेंटर तक शामिल होगा। इसके अलावा बटरफ्लाई गार्डन, फलों का बाग, फूड कोर्ट, हाट ऐंड क्राफ्ट बाजार, कैफे, हर्बल गार्डन, साइकलिंग ऐंड जॉगिंग ट्रैक, मल्टी ऐक्टिविटी जोन, किड्स प्ले एरिया, लोटस ऐंड डक लेक, योग जोन, ओपन थिएटर, सफारी जोन और फुट ओवर ब्रिज भी विकसित किए जाने हैं।
अखिलेश ने लोहिया-जनेश्वर मिश्र के नाम पर बनवाये पार्क
समाजवादी पार्टी की सरकार में समाजवादी विचारधारा के महापुरुषों के नाम पर बड़े-बड़े पार्क और स्मारक बनवाये गये। इनमें राममनोहर लोहिया और जनेश्वर मिश्र पार्क प्रमुख हैं। जनेश्वर मिश्र पार्क गोमतीनगर विस्तार योजना में 376 एकड़ क्षेत्रफल में बना है। एशिया का सबसे बड़ा पार्क होने के साथ ही जनेश्वर मिश्र पार्क में अन्य सुविधाएं भी बिल्कुल अलग हैं। यहां 45 मीटर ऊंचे व्हील झूले के साथ ही म्यूजिकल फाउंटेन, सबसे ऊंचा तिरंगा, गंडोला और बोट के अलावा स्टीम इंजन भी दर्शकों को देखने को मिलेगा। वहीं, राम मनोहर लोहिया पार्क में लोगों के घूमने के अलावा तमाम तरह के पेड़-पौधे इलाके की आबोहवा को शुद्ध करने का काम कर रहे हैं।
मायावती ने दलित चिंतकों के नाम पर बनवाये पार्क
उत्तर प्रदेश में जब बहुजन समाज पार्टी की सरकार थी मायावती ने दलित चिंतकों, समाज सुधारकों और दलित चेतना के नायकों को समर्पित कई स्थल विकसित किया। इनमें मान्यवर कांशीराम गार्डन, भीमराव अंबेडकर पार्क, सामाजिक परिवर्तन स्थल, रमाबाई अंबेडकर रैली स्थल और ईको पार्क आदि प्रमुख हैं। अरबों की लागत से बने यह स्थल घूमने के लिहाज से बेहतर हैं, लेकिन इनमें हरे-भरे पेड़ पौधों की कमी है। यहां संगमरमर से बने बड़े-हाथी और विशाल प्रतिमाएं हैं। यहां बड़ी संख्या में लोग मॉर्निंग वॉक करने आते हैं।