लखनऊ

बापू की जयंती पर सीएम योगी का देसी अंदाज, गांधी आश्रम में खरीदा खादी का गमछा

CM Yogi Khadi Towel: गांधी जयंती पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हजरतगंज के गांधी आश्रम पहुंचे और खादी का गमछा खरीदा। उन्होंने स्वदेशी अपनाने और स्थानीय कारीगरों को सशक्त बनाने का संदेश दिया।
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Oct 02, 2026
हजरतगंज के गांधी आश्रम पहुंचे मुख्यमंत्री, खादी अपनाने और स्थानीय कारीगरों को प्रोत्साहन देने का दिया संदेश (फोटो सोर्स : Ritesh Singh )
हजरतगंज के गांधी आश्रम पहुंचे मुख्यमंत्री, खादी अपनाने और स्थानीय कारीगरों को प्रोत्साहन देने का दिया संदेश (फोटो सोर्स : Ritesh Singh )

CM Yogi: राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 157वीं जयंती के अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को राजधानी लखनऊ में खादी और स्वदेशी को बढ़ावा देने का संदेश दिया। मुख्यमंत्री हजरतगंज स्थित गांधी आश्रम पहुंचे और बापू को श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ खादी का गमछा खरीदा। उनके इस कदम को स्थानीय कारीगरों, बुनकरों और खादी से जुड़े लोगों को प्रोत्साहित करने की पहल के तौर पर देखा गया। गांधी आश्रम में मुख्यमंत्री के पहुंचने की तस्वीरें और कार्यक्रम की जानकारी भी सामने आई है।

बापू को श्रद्धांजलि, खादी की खरीदारी

गांधी जयंती के मौके पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हजरतगंज स्थित गांधी आश्रम में महात्मा गांधी की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया। इस दौरान उन्होंने बापू के सत्य, अहिंसा और स्वदेशी के विचारों को याद किया। मुख्यमंत्री ने खादी के उत्पादों को अपनाने का संदेश देते हुए आश्रम से गमछा खरीदा। इससे पहले भी गांधी जयंती के अवसर पर मुख्यमंत्री द्वारा गांधी आश्रम पहुंचकर खादी के उत्पादों की खरीदारी और चरखा चलाने की खबरें सामने आती रही हैं।

सीएम योगी ने खरीदा खादी का गमछा उसका बिल (फोटो सोर्स : Ritesh Singh ) 

स्वदेशी से आत्मनिर्भरता का संदेश

मुख्यमंत्री की खादी खरीदारी का संदेश केवल एक वस्तु की खरीद तक सीमित नहीं रहा। कार्यक्रम के दौरान खादी को स्वदेशी और आत्मनिर्भरता की भावना से जोड़ते हुए स्थानीय उत्पादों को प्राथमिकता देने की अपील की गई। गांधी जी के विचारों में स्वदेशी को महत्वपूर्ण स्थान प्राप्त था। इसी संदर्भ में खादी को स्वतंत्रता आंदोलन की पहचान और आत्मनिर्भरता के प्रतीक के रूप में देखा जाता है।

हजरतगंज स्थित गांधी आश्रम में खादी उत्पादों का अवलोकन करते मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ। (फोटो सोर्स : Ritesh Singh ) 

मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे स्थानीय स्तर पर तैयार होने वाले उत्पादों को प्राथमिकता दें। इससे कारीगरों, बुनकरों और हस्तशिल्पियों को अपने उत्पादों के लिए बाजार उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है। खादी से जुड़े रोजगार और पारंपरिक हुनर को आगे बढ़ाने में भी स्थानीय खरीदारी की भूमिका महत्वपूर्ण मानी जाती है।

खादी को जीवन का हिस्सा बनाने की अपील

गांधी जयंती के अवसर पर मुख्यमंत्री ने खादी को केवल पहनावे तक सीमित न रखने बल्कि इसे दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने का संदेश दिया। उनका कहना है कि स्थानीय उत्पादों को अपनाने से देश के छोटे उत्पादकों और कारीगरों को प्रोत्साहन मिलता है। गांधी आश्रम में खादी की खरीदारी इसी संदेश को व्यवहार में उतारने की पहल के रूप में सामने आई।

हजरतगंज स्थित गांधी आश्रम में खादी का गमछा खरीदते मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ। (फोटो सोर्स : Ritesh Singh )

गौरतलब है कि मुख्यमंत्री ने इसी अवसर पर खादी के वस्त्रों पर 30 जनवरी 2027 तक 25 फीसदी छूट की घोषणा भी की है। उन्होंने लोगों से इस अवसर का लाभ उठाने और खादी खरीदकर कारीगरों, बुनकरों तथा हस्तशिल्पियों के हुनर को सम्मान देने की अपील की।

गांधी के विचारों को याद किया

मुख्यमंत्री ने गांधी जयंती के अवसर पर बापू के सत्य, अहिंसा, स्वदेशी और स्वावलंबन के विचारों को याद किया। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी के आदर्श आज भी समाज और देश के लिए प्रासंगिक हैं। गांधी जयंती पर हजरतगंज स्थित गांधी आश्रम में आयोजित कार्यक्रम में श्रद्धांजलि के साथ खादी और स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने का संदेश प्रमुख रहा। मुख्यमंत्री की खादी खरीदारी ने गांधी जयंती के कार्यक्रम को स्थानीय उत्पादों और आत्मनिर्भरता के संदेश से भी जोड़ दिया। इस दौरान खादी से जुड़े कारीगरों और बुनकरों के उत्पादों को प्रोत्साहित करने तथा लोगों को स्वदेशी वस्तुओं की ओर आकर्षित करने पर जोर दिया गया।