लखनऊ

यूपी की अर्थव्यवस्था के लिए योगी का रोडमैप तैयार, शपथ ग्रहण समारोह में देश के 50 दिग्गज कारोबारियों को निमंत्रण भेज ज़ाहिर किया इरादा

पिछली सरकार में ही सीएम योगी ने वादा किया था कि वो यूपी की इकॉनमी को वन ट्रिलियन डॉलर बनाने पर काम कर रहे हैं, देश के सबसे बड़े राज्य की अर्थव्यवस्था के लिए ये बहुत बड़ी चुनौती है। योगी आदित्यनाथ ने इस चुनौती को स्वीकार भी कर लिया है जिसकी झलकी शपथ ग्रहण समारोह में इन दिग्गज कारोबारियों की मौजूदगी दिखा सकती है।

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Mar 24, 2022
Cm yogi invites 50 business groups in oath taking ceremony

CM Yogi Oath Taking Ceremony: सीएम योगी की दूसरी पारी के लिए शपथ ग्रहण समारोह 25 मार्च को होना है। इस शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के लिए देश के करीब-करीब सभी बड़े कारोबारी घरानों को शामिल होने का इनविटेशन भेजा गया है। इन कारोबारियों के इस समारोह में पहुँचने की उम्मीद भी है। सीएम योगी यूपी की अर्थव्यवस्था को किस ओर ले जाना चाहते हैं ये उन्होंने साफ कर दिया है। दरअसल पिछली सरकार में ही सीएम योगी ने वादा किया था कि वो यूपी की इकॉनमी को वन ट्रिलियन डॉलर बनाने पर काम कर रहे हैं, देश के सबसे बड़े राज्य की अर्थव्यवस्था के लिए ये बहुत बड़ी चुनौती है। योगी आदित्यनाथ ने इस चुनौती को स्वीकार भी कर लिया है जिसकी झलकी शपथ ग्रहण समारोह में इन दिग्गज कारोबारियों की मौजूदगी दिखा सकती है।

वन ट्रिलियन डॉलर इकॉनॉमी बनाने की दिशा में बढ़ाया कदम

प्रदेश की अर्थव्यवस्था को लेकर सीएम योगी कि कदर गंभीर हैं इसकी बानगी उस वक्त देखने को मिल गयी थी जब चुनाव जीतने के पांच दिन बाद ही यानि 15 मार्च को योगी सरकार ने वन ट्रिलियन डॉलर इकॉनॉमी हासिल करने के लिए एक RFP यानी रिक्वेस्ट ऑफ प्रोपजल जारी किया। मतलब यह कि एक तरह से देशभर के सभी दिग्गज कारोबारियों को यूपी में निवेश करने के लिए आमंत्रित किया गया है। जिनकी मदद से योगी अपने एक बड़े सपने को पूरा करने की कोशिश करेंगे। फिलहाल यूपी की अर्थव्यवस्था को वन ट्रिलियन डॉलर वाली इकॉनमी बनाने के अपने सपने के इस लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में कदम भी बढ़ा चुके हैं।

यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने पहले ही कहा था कि उत्तर प्रदेश को 1 ट्रिलियन डॉलर की इकॉनमी बनाने की दिशा में प्रायरिटी सेक्टर का चयन और उस दिशा में विस्तृत कार्य योजना बनाने में और उस कार्य योजना को आगे बढ़ाने के लिए भी अलग-अलग ग्रुप्स में उस दिशा में एक बेहतर पहल को एक टीम वर्क के रूप में आगे बढ़ाने का कार्य किया गया है।

लक्ष्य पूरा करने के लिए पांच साल का वक्त

प्रदेश की अर्थव्यवस्था को 1 ट्रिलियन डॉलर की इकॉनमी बनाने के इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए पांच साल का वक्त दिया गया है। सवाल ये है कि कोरोना महामारी से बेपटरी हो चुकी यूपी की अर्थव्यवस्था क्या महज पाँच साल में इस लक्ष्य को हासिल कर सकेगी। ये चुनौती मुश्किल ज़रूर है लेकिन असंभव भी नहीं।

ये हैं 50 घराने जिन्हें भेजा गया है निमन्त्रण

25 मार्च को योगी के शपथग्रहण में देश के करीब 50 कारोबारी घरानों को आने के लिए निमंत्रण भेजा गया है। इनमें टाटा ग्रुप, अंबानी ग्रुप, आदित्य बिरला ग्रुप, अडानी ग्रुप, महिंद्रा ग्रुप, आईटीसी ग्रुप, पेप्सीको , हिंदुस्तान यूनीलीवर ग्रुप, फिल्पकार्ट और आईजीएल ग्रुप भी शामिल हैं।

यूपी की अर्थव्यवस्था का लेखा-जोखा

वर्तमान समय में प्रदेश की अर्थव्यवस्था तकरीबन 19 लाख करोड़ की है। अगल पाँच वर्षों यानि 2027 तक इसे 1 ट्रिलियन यानी करीब 76 लाख करोड़ तक पहुँचाने का लक्ष्य रखा गया है। आँकड़ों पर नज़र डालें तो 2014 में जहाँ यूपी की अर्थव्यस्था जहाँ 9.4 लाख करोड़ के आसपास थी वहीं 2022 में ये 19.1 लाख करोड़ तक पहुँची यानि कि पिछले 8 सालों में यूपी की अर्थव्यवस्था दो गुनी ही बढ़ सकी है। तो अगले पाँच वर्षों में सीधा चार गुना का लक्ष्य काफी मुश्किल दिख रहा है।

Published on:
24 Mar 2022 08:58 am
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