लखनऊ

‘सिर्फ कैद रखना उद्देश्य नहीं, कैदियों को आत्मनिर्भर बनाएं’, जेल समीक्षा बैठक में बोले सीएम योगी

CM Yogi Jail Review Meeting: यूपी की जेलों में बंद कैदियों के लिए सीएम योगी का बड़ा और संवेदनशील फैसला! अब इन खास बंदियों की तैयार होगी अलग लिस्ट
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May 25, 2026
UP Chief Minister Yogi Adityanath
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (File Photo- IANS)

लखनऊ में सोमवार को हुई कारागार विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में योगी आदित्यनाथ ने जेल प्रशासन को लेकर अधिकारियों को कई अहम निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि जेलों का उद्देश्य सिर्फ बंदियों को कैद रखना नहीं होना चाहिए, बल्कि उन्हें सुधार और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ाने का माध्यम बनाना जरूरी है। उन्होंने जेलों में आधुनिक सुरक्षा व्यवस्था, बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं और कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रमों को और मजबूत करने पर जोर दिया।

समय से पहले रिहाई की संख्या बढ़ी

बैठक में प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार पिछले कुछ वर्षों में बंदियों की समयपूर्व रिहाई के मामलों में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है। अधिकारियों ने बताया कि 2012 से 2016 के बीच जहां कुछ सौ बंदियों को ही समय से पहले रिहाई मिली थी, वहीं हाल के वर्षों में यह संख्या कई गुना बढ़ गई है। जुर्माना जमा न कर पाने के कारण जेल में बंद लोगों को राहत देने के मामलों में भी वृद्धि दर्ज की गई है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बुजुर्ग बंदियों, गंभीर बीमारियों से जूझ रहे कैदियों, बच्चों के साथ जेल में रह रही महिलाओं और आर्थिक रूप से कमजोर बंदियों की अलग सूची तैयार की जाए। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में मानवीय दृष्टिकोण अपनाना आवश्यक है।

'छोटे अपराधों में बंद लोगों के पुनर्वास में उपयोगी हो सकती है ओपन जेल'

बैठक में मुख्यमंत्री ने ओपन जेल की अवधारणा को भी विशेष महत्व दिया। उन्होंने कहा कि छोटे अपराधों में बंद लोगों के पुनर्वास के लिए ओपन जेल उपयोगी हो सकती है। उन्होंने अधिकारियों से इस दिशा में ठोस कार्ययोजना तैयार करने को कहा। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि जेलों में केवल पेशेवर अपराधियों और माफिया तत्वों को ही रखा जाना चाहिए।

उत्तर प्रदेश की जेलों में भीड़भाड़ कम करने को लेकर सरकार ने अपनी उपलब्धियां भी सामने रखीं। अधिकारियों के मुताबिक, पिछले कुछ वर्षों में कई नए कारागार शुरू किए गए हैं और कुछ अन्य निर्माणाधीन हैं। इससे जेलों में बंदियों का दबाव कम हुआ है। मुख्यमंत्री ने बहुमंजिला जेलों के निर्माण को प्राथमिकता देने और प्रोजेक्ट्स की नियमित निगरानी करने को कहा।

सुरक्षा व्यवस्था को हाईटेक बनाने की दिशा में भी तेजी से काम किया गया है। प्रदेश की जेलों में बड़ी संख्या में सीसीटीवी कैमरे, बैगेज स्कैनर, ड्रोन और बॉडी कैमरे लगाए गए हैं। कई जेलों में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की सुविधा भी शुरू की गई है, जिससे पेशी और प्रशासनिक कार्यों को आसान बनाया जा सके।

बंदियों को रोजगारपरक प्रशिक्षण देने पर भी फोकस कर रही सरकार

सरकार जेलों में बंदियों को रोजगारपरक प्रशिक्षण देने पर भी फोकस कर रही है। विभिन्न जेलों में सिलाई, बुनाई, मसाला निर्माण, प्रिंटिंग और हस्तशिल्प से जुड़े कार्य कराए जा रहे हैं। इसके साथ ही योग, कृषि और पशुपालन जैसी गतिविधियों को भी बढ़ावा दिया जा रहा है, ताकि रिहाई के बाद बंदी सामान्य जीवन जी सकें।

बैठक में कारागार विभाग में खाली पदों पर भर्ती प्रक्रिया की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि हजारों रिक्त पदों को भरने की कार्रवाई चल रही है, जिससे जेल प्रशासन को और अधिक मजबूत बनाया जा सके।

Updated on:
26 May 2026 10:20 am
Published on:
25 May 2026 10:48 pm