
CM Yogi Janta Darshan: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार सुबह मुख्यमंत्री आवास पर आयोजित ‘जनता दर्शन’ में दूरदराज से पहुंचे लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। इस दौरान मुख्यमंत्री ने एक-एक फरियादी के पास पहुंचकर उनकी शिकायतों और समस्याओं की जानकारी ली तथा अधिकारियों को उनके समयबद्ध और पारदर्शी निस्तारण के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सरकार का ध्येय पीड़ित व्यक्ति को संतुष्टि दिलाना है। यदि कोई व्यक्ति अपनी उचित और वास्तविक समस्या लेकर दूसरी बार जनता दर्शन में आता है और पहले स्तर पर उसका समाधान नहीं हुआ है तो संबंधित मामले में जवाबदेही तय की जाएगी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि जनता की समस्याओं का समाधान केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि शिकायतकर्ता को वास्तविक राहत मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति की समस्या उचित और वास्तविक है तथा उसके निस्तारण में अनावश्यक देरी हुई है तो यह गंभीर विषय है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि पीड़ित व्यक्ति को अपनी समस्या के समाधान के लिए बार-बार अधिकारियों के चक्कर लगाने पड़ें और अंततः उसे मुख्यमंत्री के जनता दर्शन में आना पड़े, तो संबंधित स्तर पर जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक शिकायत को गंभीरता से लेते हुए उसके समाधान की प्रक्रिया समयबद्ध तरीके से पूरी की जाए।
जनता दर्शन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कुर्सियों पर बैठे फरियादियों के बीच पहुंचकर उनसे सीधे संवाद किया। उन्होंने लोगों की समस्याएं सुनीं और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने फरियादियों को भरोसा दिलाया कि उनकी शिकायतों का नियमानुसार समाधान कराया जाएगा। जनता दर्शन में अलग-अलग क्षेत्रों से आए लोगों ने प्रशासनिक, राजस्व, जमीन, पुलिस और अन्य मामलों से जुड़ी अपनी समस्याएं मुख्यमंत्री के सामने रखीं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शिकायतों का निस्तारण करते समय पीड़ित व्यक्ति की स्थिति और उसकी समस्या की वास्तविकता को ध्यान में रखा जाए। उन्होंने कहा कि प्रशासन का दायित्व केवल शिकायत दर्ज करना नहीं, बल्कि उसका निष्पक्ष और प्रभावी समाधान सुनिश्चित करना है।
जनता दर्शन में जमीन पर जबरन कब्जे से जुड़ी शिकायतें भी सामने आईं। कुछ फरियादियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि उनकी जमीन पर दबंगों या अन्य लोगों की ओर से जबरन कब्जा किया गया है। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि यदि किसी गरीब या पीड़ित व्यक्ति की जमीन पर अवैध या जबरन कब्जा किया गया है तो उसे तत्काल नियमानुसार कब्जा मुक्त कराया जाए।मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिया कि जमीन पर अवैध कब्जे की शिकायतों में पीड़ित को न्याय मिलना चाहिए और यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति की जमीन पर दबंगई के बल पर कब्जा स्वीकार नहीं किया जा सकता।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि जमीन संबंधी मामलों में केवल कागजी रिपोर्ट तैयार कर मामले को समाप्त न किया जाए। यदि किसी गरीब या वास्तविक भू-स्वामी की जमीन पर जबरन कब्जा हुआ है तो उसे नियमानुसार कब्जा मुक्त कराने की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही कब्जा करने वालों की भूमिका की जांच कर उनके खिलाफ कानून के तहत आवश्यक कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि राजस्व और पुलिस से जुड़े अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ ऐसे मामलों का समाधान करना चाहिए, ताकि पीड़ित को लंबे समय तक कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। जमीन विवादों में समय पर कार्रवाई नहीं होने से कई बार विवाद बढ़ने की स्थिति बनती है। ऐसे में अधिकारियों को प्रारंभिक स्तर पर ही शिकायतों का गंभीरता से परीक्षण कर समाधान सुनिश्चित करना चाहिए।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनता दर्शन में मौजूद अधिकारियों को निर्देश दिया कि फरियादियों की शिकायतों को संवेदनशीलता के साथ सुना जाए। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता जनता को सुशासन और पारदर्शी प्रशासन उपलब्ध कराना है। किसी भी वास्तविक शिकायत को अनावश्यक रूप से लंबित रखना प्रशासनिक दृष्टि से उचित नहीं है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि शिकायतों के निस्तारण में पारदर्शिता बनी रहनी चाहिए और कार्रवाई की स्पष्ट जानकारी संबंधित शिकायतकर्ता को भी उपलब्ध कराई जानी चाहिए। इससे लोगों का प्रशासन के प्रति विश्वास मजबूत होगा और उन्हें अपनी समस्या के समाधान के लिए बार-बार अलग-अलग कार्यालयों में जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि जनता से जुड़ी समस्याओं के निस्तारण में समयबद्धता को प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने कहा कि किसी शिकायत पर कार्रवाई के लिए निर्धारित प्रक्रिया का पालन करते हुए अनावश्यक विलंब से बचना होगा। यदि समस्या वास्तविक है और उसके समाधान में देरी होती है तो संबंधित अधिकारी की जवाबदेही तय की जानी चाहिए। मुख्यमंत्री के निर्देशों का उद्देश्य शिकायत निवारण व्यवस्था को अधिक प्रभावी और परिणाम आधारित बनाना है। जनता दर्शन में आने वाले फरियादियों को तत्काल आश्वासन देने के साथ-साथ संबंधित विभागों को शिकायतों के वास्तविक समाधान की जिम्मेदारी सौंपी गई।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सरकार का ध्येय केवल शिकायतों की संख्या कम करना नहीं, बल्कि पीड़ित व्यक्ति को वास्तविक संतुष्टि और न्याय दिलाना है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि हर शिकायत को मानवीय दृष्टिकोण के साथ देखा जाए और जहां शिकायत उचित हो, वहां नियमानुसार कार्रवाई में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
जनता दर्शन में मुख्यमंत्री का यह संदेश प्रशासनिक अधिकारियों के लिए स्पष्ट निर्देश के रूप में सामने आया कि जनसमस्याओं के समाधान में संवेदनशीलता, पारदर्शिता और जवाबदेही तीनों महत्वपूर्ण हैं। खासकर जमीन पर अवैध कब्जे से जुड़े मामलों में उन्होंने पीड़ित को न्याय दिलाने और दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।
जनता दर्शन के दौरान मुख्यमंत्री ने फरियादियों को भरोसा दिलाया कि सरकार उनकी समस्याओं के समाधान के लिए प्रतिबद्ध है। वहीं अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रत्येक उचित समस्या का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करें। मुख्यमंत्री ने साफ किया कि यदि वास्तविक समस्या लेकर कोई पीड़ित दूसरी बार उनके पास पहुंचता है तो यह संबंधित स्तर पर हुई कमी का संकेत माना जाएगा और ऐसी स्थिति में जवाबदेही तय की जाएगी।