
CM Yogi will arrive at Pratik Yadav home shortly: समाजवादी पार्टी संस्थापक स्वर्गीय Mulayam Singh Yadav के छोटे बेटे, भाजपा नेता Aparna Yadav के पति और सपा प्रमुख Akhilesh Yadav के सौतेले भाई प्रतीक यादव के आकस्मिक निधन के बाद पूरे उत्तर प्रदेश में शोक का माहौल है। राजनीतिक गलियारों से लेकर सामाजिक क्षेत्र तक हर कोई इस खबर से स्तब्ध है।
इसी बीच बड़ी खबर सामने आई है कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath कुछ ही देर में प्रतीक यादव के घर पहुंचकर परिवार से मुलाकात करेंगे और अपनी संवेदनाएं व्यक्त करेंगे। मुख्यमंत्री के दौरे को देखते हुए प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गई हैं।
प्रतीक यादव के निधन के सम्मान में उत्तर प्रदेश भारतीय जनता पार्टी ने अपने सभी प्रस्तावित कार्यक्रम और जश्न रद्द कर दिए हैं। भाजपा की ओर से जारी संदेश में कहा गया कि यह समय राजनीतिक गतिविधियों या उत्सव का नहीं, बल्कि शोक और संवेदना का है। पार्टी ने भाजपा नेत्री अपर्णा यादव और पूरे यादव परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है। प्रदेश भाजपा संगठन ने सभी जिला इकाइयों और पदाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि निर्धारित कार्यक्रमों को स्थगित किया जाए।
प्रतीक यादव का निधन ऐसा मौका बन गया है, जहां राजनीतिक दल मतभेदों से ऊपर उठकर एकजुट दिखाई दे रहे हैं। समाजवादी पार्टी और भाजपा के नेताओं ने इस दुखद घटना पर शोक जताया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पहले ही सोशल मीडिया के माध्यम से दुख व्यक्त किया था और अब वह व्यक्तिगत रूप से परिवार से मिलने पहुंच रहे हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह मुलाकात राजनीतिक शिष्टाचार और मानवीय संवेदना का बड़ा संदेश मानी जा रही है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दौरे को लेकर लखनऊ के विक्रमादित्य मार्ग स्थित आवास के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी गई है। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की टीम लगातार मौके पर मौजूद है। बड़ी संख्या में समर्थक, शुभचिंतक और राजनीतिक कार्यकर्ता भी परिवार से मिलने पहुंच रहे हैं। मुख्यमंत्री के आगमन से पहले सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे इलाके का निरीक्षण किया।
38 वर्षीय प्रतीक यादव का बुधवार सुबह अचानक निधन हो गया था। उन्हें बेहोशी की हालत में सिविल अस्पताल लाया गया था, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। उनकी मौत की परिस्थितियों को लेकर फिलहाल जांच चल रही है। पोस्टमार्टम KGMU में मेडिकल बोर्ड की निगरानी में कराया गया।डॉक्टरों और पुलिस अधिकारियों का कहना है कि रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों की स्पष्ट जानकारी सामने आएगी।
प्रतीक यादव की पत्नी और भाजपा नेता Aparna Yadav घटना के समय असम दौरे पर थीं। पति के निधन की सूचना मिलते ही वह तुरंत लखनऊ पहुंचीं। अस्पताल और घर पर अपर्णा यादव बेहद भावुक नजर आईं। भाजपा और समाजवादी पार्टी दोनों दलों के नेताओं ने उन्हें ढांढस बंधाया। पारिवारिक सूत्रों के अनुसार, पूरा यादव परिवार इस घटना से गहरे सदमे में है।
भाई के निधन की खबर मिलते ही Akhilesh Yadav तुरंत अस्पताल पहुंचे थे। इसके बाद से वह लगातार परिवार के साथ मौजूद हैं। अखिलेश यादव ने कहा कि प्रतीक जीवन में आगे बढ़ना चाहते थे और मेहनत के जरिए अपनी अलग पहचान बनाना चाहते थे। उन्होंने कहा कि परिवार इस कठिन समय में बेहद दुखी है और सभी लोग पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं।
प्रतीक यादव ने कभी सक्रिय राजनीति में कदम नहीं रखा। वह मुख्य रूप से रियल एस्टेट और फिटनेस कारोबार से जुड़े हुए थे। लखनऊ में उनके कई जिम और व्यवसायिक प्रोजेक्ट चर्चा में रहते थे। फिटनेस को लेकर वह युवाओं के बीच काफी लोकप्रिय थे। उनके करीबी लोगों का कहना है कि प्रतीक बेहद शांत, सौम्य और मिलनसार स्वभाव के व्यक्ति थे।
प्रतीक यादव के निधन के बाद पूरे उत्तर प्रदेश में शोक की लहर है। समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता, भाजपा नेता, सामाजिक संगठन और आम लोग लगातार श्रद्धांजलि दे रहे हैं। सोशल मीडिया पर भी लोग उनके निधन पर दुख व्यक्त कर रहे हैं। कई नेताओं ने लिखा कि इतनी कम उम्र में इस तरह का निधन बेहद दुखद और चौंकाने वाला है।
पोस्टमार्टम पूरा होने के बाद अब अंतिम संस्कार की तैयारियां भी तेज हो गई हैं। बड़ी संख्या में समर्थकों और रिश्तेदारों के लखनऊ पहुंचने का सिलसिला जारी है। सूत्रों के अनुसार, यादव परिवार की परंपरा को देखते हुए अंतिम संस्कार पिपराघाट श्मशान स्थल पर किए जाने की संभावना है। हालांकि परिवार की ओर से आधिकारिक घोषणा का इंतजार किया जा रहा है।
प्रतीक यादव के निधन ने एक बार फिर यह दिखाया है कि दुख की घड़ी में राजनीति से ऊपर उठकर मानवीय रिश्ते और संवेदनाएं ज्यादा महत्वपूर्ण हो जाती हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का परिवार से मिलने पहुंचना और भाजपा द्वारा अपने कार्यक्रम रद्द करना इसी भावना का प्रतीक माना जा रहा है। लखनऊ में इस समय गम और संवेदना का माहौल है। हर किसी की जुबान पर सिर्फ एक ही बात है - “इतनी कम उम्र में प्रतीक यादव का यूं चले जाना बेहद दुखद है।”