
लखनऊ. 12 अगस्त को बकरीद (Eid-ul-Adha) थी और इसी दिन सावन का आखिरी सोमवार (Sawan Somwar) पड़ रहा था। सरकार से लेकर पुलिस-प्रशासन को चिंता थी कि कहीं साम्प्रदायिक माहौल न बिगड़ने पाये। बकरीद पर कुर्बानी को लेकर जहां योगी सरकार (Yogi Sarkar) ने सख्त निर्देश दिये थे, वहीं मौलानाओं ने भी मुस्लिम भाइयों ने सड़क पर कुर्बानी न देने की अपील की थी। नतीजन बकरीद और सावन के आखिरी सोमवार पर (एकाध अपवाद को छोड़कर) कहीं से कोई अप्रिय घटना सामने नहीं आई। सूबे में बकरीद का त्यौहार और सावन का अंतिम सोमवार पूरे हर्षोल्लास के साथ मनाया गया गया। कुछेक घटनाओं को छोड़कर हर ओर आपसी भाईचारे का नजारा दिखा।
भले ही अयोध्या मामले को हिंदू-मुस्लिम के बीच खटास के नजरिये से देखा जाता है, लेकिन बकरीद पर रामनगरी का साम्प्रदायिक सौहार्द लोगों को रोमांचित कर गया। यहां एक वक्त ऐसा भी आ गया जब मस्जिदों से निकले नमाजी और शिवभक्त कांवड़िये आमने-सामने आ गए। नमाज कर निकले नमाजियों और बम-बम भोले के जयकारे लगाते लोगों को देखकर प्रशासन के हाथ-पांव फूल गये। प्रशासन जब तक कुछ करने की सोचता दोनों सम्प्रदाय के लोगों ने गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल पेश कर दुनिया के सामने उदाहरण पेश कर दिया। यहां कांवड़ियों और नमाजियों ने एक-दूसरे के गले मिलकर बधाई दी और अमन-चैन की दुआ मांगी।
वीडियो में देंखें- कन्नौज में भी दिखी आपसी एकता मिसाल
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मोहब्बत का इतिहास लिखने को तैयार हिदू-मुसलमान
अयोध्या ही नहीं, प्रदेश के तमाम जिलों से सामने आईं तस्वीरें समाज को एक मैसेज देने में जरूर सफल रहीं कि अब उत्तर प्रदेश ही नहीं देश का मूड बदल रहा है। अब सूबे के हिंदू और मुसलमान भाई नफरत नहीं, बल्कि मोहब्बत से यूपी के विकास का इतिहास लिखने को तैयार हैं। कन्नौज में समाजसेवी विवेक नारायन मिश्रा ने हिदुओं संग मुस्लिम भाइयों के गले लगकर उन्हें ईद-उल-अजहा की मुबारक बाद दी। लखनऊ में भी हिंदुओं ने मुस्लिमों के गले लगकर उन्हें ईद-उल-अजहा की बधाई दी।