लखनऊ में कोरोना वैक्सीन (Corona Vaccine) का पहला टीका केजीएमयू में कार्यरत हुकुम सिंह नेगी को लगा, तो वहीं कानपुर देहात की पुखरायां सीएचसी में पहला टीका सफाई कर्मी कुलदीप को लगाया गया।
पत्रिका न्यूज नेटवर्क.
लखनऊ. सभी देशवासियों की जिंदगी को दोबारा सामान्य करने की दिशा में कोरोना वैक्सीनेशन (Corona vaccination) का महाअभियान शनिवार से शुरू हो गया। लगभग 10 माह के कड़े परिश्रम के बाद कोरोना वैक्सीन (Corona Vaccine) इंसानी शरीर में पहुंच ही गई। अभियान की शुरुआत शनिवार को सुबह 9.30 बजे होनी थी, हालांकि पहला दिन होने के कारण इसमें कुछ विलंब हुआ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) के उम्मीद व उत्साह से भरे संबोधन के बाद करीब 10.45 बजे से राज्य के करीब 317 केंद्रों पर 31,700 हेल्थ केयर वर्कर्स का टीकाकरण हुआ। चयनित केंद्रों को गुब्बारों से सजाया गया। कहीं-कहीं प्रथम लाभार्थियों को फूल माला पहनाकर उनका टीकाकरण हुआ। राजधानी लखनऊ में 11 केंद्रों पर 1100 लोगों को टीका लगाया गया। लखनऊ में कोरोना वैक्सीन का पहला टीका केजीएमयू में कार्यरत हुकुम सिंह नेगी को लगा, तो वहीं कानपुर देहात की पुखरायां सीएचसी में पहला टीका सफाई कर्मी कुलदीप को लगाया गया। ऐसे ही सभी जिलों में पुलिस व स्वासथ्य महकमे की कड़ी निगरानी में वैक्सीनेशन का कार्य आरंभ किया गया।
प्रोटोकॉल के तहत टीका लगाने के बाद सभी को 30 मिनट के लिए ऑब्जर्वेशन रूम में रखा गया, जहां किसी में भी वैक्सीन का दुष्प्रभाव देखने को नहीं मिला। सभी लाभार्थियों ने इसकी पुष्टि की व वैक्सीन के सुरक्षित होने का दावा करते हुए सभी से इसे लगवाने की अपील की। इस मौके पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी सभी से अपील की कि टीकाकरण के इस अभियान को सफल बनाएं। पूरे देश में यूपी में सर्वाधिक नौ लाख हेल्थ वर्कर्स को पहले चरण में टीका लगाया जाएगा।
टीकाकरण के लिए पहले दिन सूचीबद्ध डॉक्टरों व पैरामेडिकल स्टाफ को मोबाइल पर एसएमएस व फोन कर वैक्सीनेशन की सूचना दी गई। सभी निर्धारित समय सुबह दस बजे अपने-अफने सेंटरों पर पहुंच गए। सभी पहले से माइंडमेकप कर चुके थे, इस कारण किसी के अंदर घबराहट देखने को नहीं मिली। टीका लगवाने के बाद उन्होंने खुद को स्वस्थ करार दिया।
टीकाकरण के बाद डॉक्टर बोले- कोई परेशान नहीं
अलग-अलग केंद्रों में स्वास्थ्य कर्मियों को लगाए गए कोरोना के टीका के बाद सबसे बड़ा चिंता उनपर उसके प्रभाव के लेकर ही थी। हालांकि किसी में इसका दुष्प्रभाव देखने को नहीं मिला। केजीएमयू के डॉक्टर सूर्यकांत त्रिपाठी ने कलाम वैक्सीनेशन सेंटर पर पहली वैक्सीन लगवाने के बाद लोगों को आश्वस्त किया कि इससे डरने की जरूरत नहीं है। वैक्सीन पूरी तरह सुरक्षित हैं। यदि किसी लाभार्थी को वैक्सीनेशन के बाद कोई दिक्कत आती भी है, तो उसकी भी तैयारी है। अस्पताल में आईसीयू में मरीज को एडमिट कराया जाएगा। इससे निपटने का बैकअप प्लान तैयार है।
राजधानी में 1100 वर्कर्स को लगा टीका-
राजधानी लखनऊ में करीब 51 हजार हेल्थ वर्कर्स को वैक्सीन लगाई जानी है, हालांकि, पहले दिन कुल 1100 का वैक्सीनेशन हुआ। यह वैक्सीनेशन लखनऊ में केजीएमयू (किंग जॉर्ज मेडिकल कॉलेज) के अतिरिक्त एसजीपीजीआई, आरएमएल इंस्टिट्यूट, बलरामपुर, मोहनलालगंज, चिनहट, सीएचसी माल, वीरांगना अवंती बाई, इंदिरा नगर, एरा मेडिकल कॉलेज, सहारा हॉस्पिटल में हुआ। हर केंद्र पर 100-100 लोगों को टीका लगाया गया।