लखनऊ

यूपी के सभी जेलों में कैदियों को लगेगी कोरोना वैक्सीन, आदेश हुआ जारी

अब तय हुआ है कि उत्तर प्रदेश की सभी 74 जेल के कैदियों को कोरोना की वैक्सीन (corona vaccine) लगाई जाएगी।
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Updated: 19 Mar 2021, 5:25 PM IST
Kanpur Jail
Kanpur Jail

पत्रिका न्यूज नेटवर्क.
लखनऊ. कोरोना के संक्रमण (Coronvirus) से उत्तर प्रदेश के जेल भी अछूते नहीं हैं। गुरुवार को ही कानपुर की जेल के दस कैदियों की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव (Coronapositive) आई है, जिससे जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया है। इसे लेकर अब तय हुआ है कि उत्तर प्रदेश की सभी 74 जेल के कैदियों को कोरोना की वैक्सीन (Corona vaccine) लगाई जाएगी। गृह विभाग व जेल प्रशासन ने यह फैसला लिया है। वैक्सीनेशन (Corona vaccination) को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। अगले सप्ताह दो दिन के अंदर सभी कैदियों को कोरोना की डोज मिल जाएगी। इससे पूर्व मंगलवार को उत्तर प्रदेश राज्य मानवाधिकार आयोग ने राज्य के मुख्य सचिव से जेलों में बंदियों को कोरोना के टीके लगवाए जाने का चार सप्ताह के भीतर ब्यौरा मांगा था। कोरोना की दूसरी लहर के खतरे को देखते हुए भी कैदियों का वैक्सीनेशन जरूरी माना जा रहा है।

जेल में लगाए जाएंगे कैंप-
आदेश के बाद उत्तर प्रदेश के सभी कैदियों का टीकाकरण होगा। जेल प्रशासन का कहना है कि जेल में अधिकतर सभी कैदी आसपास रहते हैं। इनमें सोशल डिस्टेंसिंग का कोई भी ध्यान नहीं रखता। ऐसे में संक्रमण के फैलने का डर सर्वाधिक होता है। अगले सप्ताह से जेलों में वैक्सीनेशन का अभियान शुरू हो जाएगा। जेल में कैंप लगाए जाएंगे। दो दिन के अंदर ही सभी कैदियों को टीका लगा दिया जाएगा। यदि टीकाकरण के बाद किसी प्रकार की प्रतिकूल घटना होती है तो कैदियों को अस्पताल ले जाने के लिए एंबूलेंस आदि भी तैयार रखी जाएंगी। हालांकि अब तक हुए टीकाकरण में एक प्रतिशत से भी कम मामलों में लोगों ने किसी तरह के प्रतिकूल प्रभाव की बात कही है।

74 जेले में 1.16 लाख से अधिक कैदी-
आंकड़ों के अनुसार उत्तर प्रदेश की केंद्रीय जेलों समेत कुल 74 जेले हैं, जिनमें 1.16 लाख से अधिक कैदी बंद हैं। कानपुर की जेल में पाए गए 10 कोरोना मरीजों के मामले से पहले जनवरी माह में बस्ती में 117 कैदियों और कई जेल अधिकारियों की कोरोना टेस्ट रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। सिद्धार्थनगर, आगरा और झांसी की कारागारों में भी ऐसे मामले सामने आए थे। हालांकि, पिछले साल लॉकडाउन के दौरान कई कैदियों को पैरोल पर घर भेजा गया था ताकि जेल के अंदर कैदियों की संख्या कम की जा सके।

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