
प्रदेश में बीते 24 घंटों में कोरोना के नए केसों की संख्या दोगुनी हो गई है। बीते दिन जारी रिपोर्ट में प्रदेश में 77 नए संक्रमित मिले हैं। बता दें कि दो दिन पहले यानि मंगलवार को इनकी संख्या 35 थी। सबसे ज्यादा 40 नए केस नोएडा में सामने आए हैं। यहां स्कूली बच्चों में तेजी से संक्रमण फैल रहा है। इसे देखते हुए प्रदेश के अन्य स्कूलों की भी चिंता बढ़ गई है। स्कूलों ने हेल्पलाइन जारी कर संक्रमित हुए बच्चों की सूचना देने को कहा है।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, गाजियाबाद में 16, लखनऊ में पांच, फतेहपुर में चार लोग वायरस की चपेट में आए हैं। कुल 12 जिलों में सक्रमित मिले हैं जबकि 63 जिलों में सक्रमितों की संख्या शून्य है। प्रदेश में कुल ऐक्टिव मरीजों की संख्या 380 हो गई है। हालांकि कोरोना से मरने वालो की संख्या शून्य बनीं हुई है। कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए चौथी लहर की आशंकी जताई जा रही है।
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प्रदेश में कम दिल्ली की संक्रमण दर कर रही प्रभावित
मेडिकल कॉलेज के विशेषज्ञों का कहना है कि प्रदेश में संक्रमण बहुत कम है। लेकिन दिल्ली-एनसीआर में कुछ दिनों से कोरोना के नए मामले और संक्रमण दर में इजाफा दर्ज हो रहा है। इससे प्रदेश के लिए भी खतरा बढ़ता जा रहा है। हालांकि दिल्ली से आने वाले लोगों का एयरपोर्ट पर अब सैंपल लिया जाएगा। दिल्ली में संक्रमण दर 2.49 प्रतिशत है।
इन लक्षणों पर विभाग को करे सूचित
सभी सरकारी तथा निजी स्कूलों को एक सर्कुलर जारी किया गया है। इसके अंतर्गच अगर किसी छात्र-छात्रा या अध्यापक को खांसी, जुकाम, बुखार या कोरोना संक्रमण के लक्षण दिखे तो तुरंत स्वास्थ्य विभाग को सूचित करें। ताकि उनका टेस्ट कर कोरोना वायरस को फैलने से रोका जा सके। अगर स्कूल के प्रबंधक कोरोना के मामले को छुपाते हैं, तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
तीसरी की तरह हो सकती है चौथी लहर
आईआईटी के वैज्ञानिक प्रो मणींद्र अग्रवाल का कहना है कि चौथी लहर को लेकर असमंजस है। चौथी लहर तीसरी लहर की तरह होने की संभावना है। यदि कोरोना का वायरस म्यूटेट हो गया तो यह घातक भी साबित हो सकता है। इसलिए सतर्क रहने की भी सलाह दी है।