Ayodhya Dispute : अयोध्या में विवादित ढांचा गिराए जाने की 25वीं बरसी आज, उत्तर प्रदेश में हाई अलर्ट, अयोध्या छावनी में तब्दील
लखनऊ. अयोध्या में विवादित ढांचा गिराए जाने की 25वीं बरसी आज है। किसी भी प्रकार गड़बड़ी की आशंका को देखते हुए लखनऊ सहित पूरे प्रदेश भर में हाई अलर्ट है। राम की नगरी अयोध्या पूरी तरह से छावनी में तब्दील है। आज के ही दिन यानी 6 दिसंबर 1992 को अयोध्या में विवादित ढांचा ढहा दिया गया था। आइए टाइमलाइन के जरिए समझने की कोशिश करते हैं कि उस दिन कितने बजे क्या घटनाक्रम हुआ था।
6 दिसम्बर 1992
सुबह 10.30 बजे
भारतीय जनता पार्टी और विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के वरिष्ठ नेता विवादित ढांचे के पास पहुंचे। यहां प्रतीकात्मक रूप से कार सेवा की शुरुआत की।
सुबह 11.45 बजे
बढ़ती भीड़ के मद्देनजर फैजाबाद के जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने विवादित परिसर का जायजा लिया।
12.00 बजे
उत्तेजित कारसेवकों ने नारेबाजी के साथ विवादित परिसर पर धावा बोला। कारसेवक सुरक्षा घेरा तोड़कर विवादित ढांचे तक पहुंचे और नुकसान पहुंचाना शुरू किया।
12.45 बजे
कारसेवकों ने विवादित ढांचे को लोहा,लकड़ी, सब्बल और हथौड़ी आदि से ढहाना शुरू किया।
1.55 बजे
कारसेवकों ने विवादित ढांचे के तीन डोम (गुम्बद) में से एक डोम को तोड़कर ढहा दिया।
3.30 बजे
विवादित ढांचा ढहने के बाद अयोध्या में साम्प्रदायिक सौहार्द टूटा। जगह-जगह दंगों की शुरुआत हुई।
5.00 बजे शाम
विवादित ढांचे का अंतिम डोम भी ढहा दिया गया। अब वहां केवल कुछ मलबे का ढेर ही बचा। ईंट भी उठा ले गए कारसेवक।
6.30 बजे
उप्र की बिगड़ती कानून-व्यवथा के मद्देनजर केंद्र सरकार ने उत्तर प्रदेश में राष्ट्रपति शासन लागू किया।
6.45 बजे शाम
उत्तर प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री कल्याण सिंह ने अपने पद से इतीफा दे दिया।
7.30 बजे
विवादित ढांचे की साफ -सफाई और भगवान की स्थापना के साथ पूजा पाठ शुरू।