
लखनऊ. बुधवार को छह दिसंबर है। यूपी के लिए यह तारीख कई मायनों में अहम है। 25 साल पहले छह दिसंबर 1992 को विवादित ढांचा गिराया गया था। प्रदेश की राजनीति भी रामनगरी के आसपास घूमती है। यूपी में विधानसभा चुनाव हो या लोकसभा चुनाव अयोध्या की अलग ही भूमिका रही है। इसी विवाद को लेकर हिंदू-मुस्लिम Supreme Court पहुंचे, जहां 5 दिसंबर से रोजाना सुनवाई चल रही है। आइए जानते हैं कि मंदिर-मस्जिद से जुड़े वो कौन से मुद्दे हैं, जिन पर सुप्रीम कोर्ट में दैनिक सुनवाई चल रही है।
1- मालिकाना हक किसका? : विवादित स्थल पर मालिकाना हक किसका है। आरएसएस और हिंदू संगठन यहां राममंदिर होने की बात कर रहे हैं तो मुस्लिम पक्षकार इसे बाबरी मस्जिद की जमीन बता रहे हैं। Ram Mandir Babri Masjid Dispute की शुरुआत वर्ष 1949 में हुई थी, जिसके बाद स्थानीय प्रशासन ने इस विवादित परिसर को सील कर दिया था।
2- मामले में हैं तीन पक्ष : मंदिर-मस्जिद विवाद अयोध्या के रामकोट इलाके की जमीन (2.77 एकड़) को लेकर है। मामले में रामजन्मभूमि मंदिर न्यास, निर्मोही अखाड़ा और सुन्नी वक्फ बोर्ड समेत तीन पक्ष हैं। इस मामले को लेकर 1955 में महंत रामचंद्र परमहंस ने, 1959 में निर्मोही अखाड़ा ने और 1961 में सुन्नी वक्फ बोर्ड ने याचिका दायर की थी, जिसके बाद इन तीनों मुकदमों को मिलाकर एक मुकदमा बना दिया गया, जिस पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई चल रही है।
3- हो रही दैनिक सुनवाई : इस विवाद पर सितंबर 2010 में हाईकोर्ट ने फैसला सुनाते हुए विवादित जमीन तीनों पक्षों (रामजन्मभूमि मंदिर न्यास, निर्मोही अखाड़ा और सुन्नी वक्फ बोर्ड) में बांट दी थी। इस फैसले को हिंदू महासभा और सुन्नी वक्फ बोर्ड ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती थी, जिसके बाद 5 दिसंबर से इस मामले में दैनिक सुनवाई हो रही है।
4- सुनवाई का विवादित ढांचा विध्वंस से कुछ लेना-देना नहीं : सबसे बड़ी बात यह है कि जिस मामले में आज से सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई चल रही है, उसका विवादित ढांचा विध्वंस से कुछ लेना-देना नहीं है। लिब्राहन आयोग ने जांच के बाद अपनी रिपोर्ट में विवादित ढांचा विध्वंस के लिए लालकृष्ण आडवाणी , मुरली मनोहर जोशी और उमा भारती समेत कई लोगों के आपराधिक साजिश का मुकदमा दर्ज किया था।
5- मालिकाना हक पर सुनवाई : सुप्रीम कोर्ट में जमीन के मालिकाना हक को लेकर मुकदमा चल रहा है, जिस हर दिन सुनवाई होगी। विवादित ढांचा विध्वंस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने भाजपा और विहिप के नेताओं के खिलाफ मुकदमा चलाने का आदेश दिया था।
Updated on:
06 Dec 2017 07:09 am
Published on:
05 Dec 2017 02:58 pm
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