डीजीपी ओम प्रकाश ने ट्वीट कर जताई संवेदना, कहा- यूपी पुलिस के प्रतिभाशाली अधिकारियों में से एक थे राजेश साहनी...
लखनऊ. मंगलवार को उत्तर प्रदेश एटीएस में तैनात एएसपी (अपर पुलिस अधीक्षक) राजेश साहनी ने अपनी सर्विस रिवॉल्वर से खुद को गोली मारकर खुदकुशी कर ली। एएसपी के सुसाइड की खबर मिलते ही हड़कंप मच गया। आत्महत्या को लेकर तरह-तरह की कयासबाजी शुरू हो गई। राजेश साहनी के सुसाइड को लेकर डीजीपी ओम प्रकाश सिंह ने ट्वीट कर बड़ा बयान दिया है।
डीजीपी ओपी सिंह ने ट्वीट करते हुए कहा कि साहनी यूपी पुलिस के प्रतिभाशाली अधिकारियों में से एक थे। उन्होंने आत्महत्या क्यों की, पता लगाया जा रहा है। डीजीपी ने कहा कि इस दुख की घड़ी में उनके परिवार के साथ हमारी संवेदना है।
आत्महत्या ने उठाये कई सवाल
एएसपी ने आत्महत्या क्यों की? लखनऊ पुलिस गहनता से जांच में जुटी है। मिली जानकारी के मुताबिक, राजेश साहनी मंगलवार को छुट्टी के बावजूद राजधानी के गोमतीनगर एटीएस कार्यालय पहुंचे थे। ऑपरेशन के लिये जाने की बात कहकर उन्होंने शस्त्रागार से पिस्टल मंगवाई और ड्राईवर को गाड़ी में तेल भरवाने के लिये भेजा। ड्राईवर के जाते ही साहनी ने अंदर से गेट बंद कर खुद की पिस्तौल से कनपटी पर गोली मार ली।
आतंकियों की शामत थे राजेश साहनी
वर्ष 1992 में पीसीएस सर्विस में आने वाले राजेश साहनी की गिनती काफी तेज-तर्रार अफसरों में की जाती थी। एटीएस में रहते हुए उन्होंने सफलता पूर्वक कई ऑपरेशन्स को अंजाम दिया था। उनके नेतृत्व में बड़े अपराधियों के साथ ही कई आतंकियों को भी गिरफ्तार किया गया था। पिछले हफ्ते ही उनके नेतृत्व में एटीएस की टीम ने मिलिट्री इंटेलीजेंस औऱ उत्तराखंड पुलिस के साथ मिलकर संदिग्ध आईएसआई एजेंट रमेश सिंह को गिरफ्तार किया था। वह काफी समय से कई आतंकी संगठनों के स्लीपर मॉड्यूल और आतंकी साजिशों को बेनकाब कर रहे थे।
आज होगा अंतिम संस्कार
राजेश साहनी के सुसाइड की सूचना मिलते ही उनके परिजन मंगलवार देर शाम पटना से लखनऊ पहुंच गये। साहनी का मृतक शरीर लखनऊ पुलिस लाइन में रखा है। आज राजधानी के भैसाकुंड धाम उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।