Ekana Stadium Indian Premier League Mobile Network: डीएम ने सभी सेवा प्रदाताओं को दिए बूस्टर और टेम्परेरी टावर लगाने के निर्देश .
Indian Premier League: इस बार इकाना स्टेडियम में होने वाले इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के दौरान मोबाइल नेटवर्क की समस्या नहीं होगी। मैच देखने आने वालों को नेटवर्क की समस्या न हो इसके लिए सभी सर्विस प्रोवाइडर्स को स्टेडियम में नेटवर्क बूस्टर और टेम्परेरी टावर लगाने को कहा गया है। ( Ekana Stadium) जिलाधिकारी सूर्यपाल गंगवार मैच के सफल आयोजन को लेकर स्टेडियम के पदाधिकारियों, बीसीसीआई अधिकारियों और लखनऊ सुपरजाइंट के पदाधिकारियों के साथ बैठक कर रहे थे।
( Ekana Stadium Indian Premier League ) उन्होंने निर्देश दिए कि सभी अधिकारी टीम भावना के साथ कार्य करें। जिससे देश-विदेश में उत्तर प्रदेश के प्रति एक अच्छा संदेश जाये। उन्होंने कहा कि स्टेडियम में मैच देखने आने वाले क्रिकेट प्रेमियों को किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए। सुरक्षा मानकों का पूरा पालन कराए।( IPL ) पूरा आयोजन सुव्यवस्थित हो, ताकि खिलाड़ी और दर्शक यहां से अच्छा अनुभव लेकर वापस जायें। साथ ही पार्किंग स्थल पर पुलिस कंट्रोल रूम भी स्थापित कराया जाय।
जिलाधिकारी ने लोक निर्माण विभाग को निर्देश दिए कि पूरे स्टेडियम व आस पास के एरिया की स्ट्रक्चरल सेफ्टी का ऑडिट करा कर सर्टिफिकेट दें। नगर निगम की टीमों को निर्देश दिया कि स्टेडियम की टीम के साथ साफ-सफाई व्यवस्था और एलडीए द्वारा आसपास के एरिया में झाड़ियों की कटाई कराना सुनिश्चित करें। इकाना प्रबंधन पूरे परिसर को पेस्ट कंट्रोल कराए। इसके अलावा पीने के पानी के टैंकरों की व्यवस्था जल संस्थान करें। नगर निगम के द्वारा साफ-सफाई के साथ-साथ मोबाईल शौचालय की व्यवस्था को सुनिश्चित किया जाए। डीएम ने कहा कि जहां पर टीमें रहेंगी वहां पर अंदर बाहर फूड सैंपलिंग के लिए टीम गठित कर ले। स्टेडियम के अंदर फूड सामग्री बेचने के लिए चयनित वेंडर ही बिक्री हो।
( District Magistrate informed Public Works Department ) सीएमओ को निर्देश दिए गये कि स्टेडियम परिसर में प्रमुख प्रवेश द्वारों के निकट किसी उपयुक्त स्थलों पर एम्बुलेंस जीवन रक्षक औषधियों से युक्त रखने की व्यवस्था की जाए। साथ ही किसी अकास्मिता से निपटने के लिए स्टेडियम के निकटस्थ प्रवेश द्वार के सम्मुख जीवन रक्षक औषधियों सहित 2 मेडिकल शिविर भी स्थापित किये जाये, जिसमें पर्याप्त संख्या में पैरामेडिकल स्टाफ एवं विशेषज्ञ चिकित्सकों की ड्यूटी मुख्य चिकित्साधिकारी स्तर से लगायी जाये।