
लखनऊ. बदहवाश माँ पागलों की तरह एक ही बात बार-बार अपने पति से कह रही थी। चलो हम लोग भी अपने हाथ की नस काट लें। जब बेटा मर गया तो अब हम जिन्दा रहकर क्या करेंगे। जल्दी करो। अब हमें ज़िंदा नहीं रहना। बदहवास हालत में बिलख रही अंजू को उसके परिवार के लोग समझाने की कोशिश करते हैं लेकिन कोई असर नहीं होता। पोस्टमार्टम हाउस में वह लगातार इधर से उधर पागलों की तरह भागती और बिलखती दिखाई देती है।
पिता बोले - मर जाने दो
अंजू जब अपने पति से आनंद से कहती हैं कि चलों हाथ की नस काट लें तो वे गुस्से में जवाब देते हैं। क्यों पागल हो रही है। मर जाने दो। उसने मरने से पहले एक बार भी हमारे बारे में नहीं सोचा। हर बात करता था। बस यह बात नहीं बताई। कहता था पापा नाम रोशन करूंगा। कैसा नाम रोशन कर दिया। अब उसके लिए रोने का क्या फायदा जब उसने हमारे बारे में नहीं सोचा। यह कहते हुए पत्नी को समझाते हुए खुद आनंद तिवारी भी रोने लगते हैं।
पुलिस पर उतारा गुस्सा
सिविल हॉस्पिटल में पोस्टमार्टम के लिए लाये गए बेटे के शव को देखने के लिए अंजू इधर से उधर भागती दिखाई देती है। जब कर्मचारी पुलिस के कहने पर लाश दिखाने की बात कहते हैं तो वह पुलिस की ओर दौड़ लगा देती है। पुलिस के अफसर और कर्मचारी अंजू के गुस्से को देख दूसरी ओर चले जाते हैं। वह पुलिस को ताना देती है कि रात में उसके बच्चे को खोजने की कोशिश होती तो उसकी जान बच जाती। हाथों की नस काटकर ख़ुदकुशी करने वाले ओजस के परिवार के लोग पुलिस पर आरोप लगाते हैं कि रात में पुलिस ने ओजस को खोजने की कोशिश नहीं की।
हाथों की नस काटकर की थी ख़ुदकुशी
दरअसल राजधानी लखनऊ के हजरतगंज थाना क्षेत्र में शुक्रवार की सुबह सूरजदीप काम्प्लेक्स में ओजस और काजल की लाश मिली थी। दोनों ने ही एक साथ अपने हाथों की नस काटकर ख़ुदकुशी कर ली थी। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल भेजा है।