
लखनऊ. मानसून (Mansoon) रूठ सा गया जान पड़ता है। कम बारिश की वजह से राज्य में सूखे जैसे हालात बन रहे हैं। खरीफ की फसलों को लेकर किसान चिंतित हैं और उम्मीद भरी नजरों से आसमान को निहार रहे हैं। उत्तर प्रदेश में पिछली बार की अपेक्षा अब तक 37 फीसदी ही बरसात हुई, जो सामान्य से 61 फीसदी कम है। एक जून से 11 जुलाई तक उत्तर प्रदेश में 37.3 फीसदी मिलीमीटर ही बारिश हुई है, जबकि इस दौरान सामान्य बारिश का औसत 94.8 फीसदी है। यूपी के अलावा दिल्ली, उत्तराखंड, हरियाणा, मणिपुर, चंडीगढ़, बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश, ओडिशा, गुजरात, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र में स्थिति ज्यादा खराब है। सदन में भी सांसदों द्वारा खेती-किसानी का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया।
सूखे की आशंका को देखते हुए किसान बेहद चिंतित हैं। अगर जल्द बारिश नहीं हुई तो खरीफ की फसलों पर बुरा असर पड़ सकता है। हरदोई जिले के कोथावां ब्लॉक के किसान कमल किशोर का कहना है कि खेत में धान की पौध तैयार है, लेकिन रोपाई के लिए वह बारिश का इंतजार कर रहे हैं। वहीं, ब्लॉक के ही किसान रामेश्वर कहते हैं। बीते 10 पहले उन्होंने धान की रोपाई कर दी थी। ट्यूबवेल से पानी लगाना पड़ रहा है। अब तक खेत तीन बार पानी लगाया है, लेकिन धान की पौध बढ़ने का नाम नहीं ले रही है। किसानों का कहना है कि सूखे को देखते हुए लगातार खेत में पानी लगा पाना, आसान नहीं होगा।
अब तक फसलों में 60 फीसदी नुकसान
बुंदेलखंड में किसानों की आवाज उठाने वाले किसान नेता शिवनारायण परिहार का कहना है कि यहां मूंग, मूंगफली, तिल और उड़द की फसलें प्रमुखता से बोई जाती हैं। पिछले कई दिनों से बारिश न होने के चलते इन फसलों में 60 फीसदी से अधिक का नुकसान हो चुका है। अगर एक हफ्ते पानी नहीं गिरा तो पूरी फसल चौपट हो जाएगी। सूखे की भयावह स्थिति को देखते हुए बड़ी संख्या में बुंदेलखंड के किसानों ने झांसी जिलाधिकारी को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) के नाम ज्ञापान सौंपा था।
इन जिलों में बारिश का अनुमान
लखनऊ स्थित मेट्रोलॉजिकल सेंटर (Meteorological Centre,Lucknow) ने उत्तर प्रदेश के कई जिलों में बारिश की चेतावनी दी है। विभाग का पूर्वानुमान है कि गोंडा, बस्ती, बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर, फर्रुखाबाद, हरदोई, मिर्जापुर, संत रविदास नगर, सोनभद्र, लखनऊ और फतेहपुर में बारिश मंगलवार और बुधवार को बारिश हो सकती है।
केंद्रीय कृषि मंत्री बोले
कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर (Narendra Singh Tomar) ने कहा कि ऐसा नहीं है कि मानसून पूर्व कम बारिश से सूखे की स्थिति उत्पन्न होगी। सरकार स्थिति पर पूरी निगरानी रखे है और किसी भी परिस्थिति से निपटने को तैयार है। उन्होंने कहा कि अभी तक किसी भी राज्य सरकार ने सूखे के लिए आर्थिक मदद के लिए कोई ज्ञापन नहीं दिया है।