टैक्स सेविंग के कई तरीके होते हैं। केंद्र सरकार ने नागरिकों को अधिक कर की आदत से प्रोत्साहित करने के लिए धारा 80सी के तहत कुछ महत्वपूर्ण प्रावधान किए हैं। इसके तहत विभिन्न निवेश विकल्पों में पैसा लगाकर टैक्स में छूट पा सकते हैं।
एक जिम्मेदार नागरिक होने के नाते और देश के विकास के लिए टैक्स (Income Tax) भरना जरूरी होता है। लेकिन लोग अक्सर टैक्स सेविंग के विकल्प चुनते हैं। कोई भी उन विकल्पों से चूकना पसंद नहीं करता जो कर के रूप में भुगतान किए धन को बचाने में मदद कर सकता है। टैक्स सेविंग के कई तरीके होते हैं। केंद्र सरकार ने नागरिकों को अधिक कर की आदत से प्रोत्साहित करने के लिए धारा 80सी के तहत कुछ महत्वपूर्ण प्रावधान किए हैं। इसके तहत विभिन्न निवेश विकल्पों में पैसा लगाकर टैक्स में छूट पा सकते हैं। आप इनमें से किसी भी तरीके से टैक्स की बचत कर सकते हैं।
हाउस रेंट अलाउंस
कर्मचारियों को आमतौर पर उनकी आय में हाउस रेंट अलाउंस मिलता है। अगर आप किराए के घर में रहते हैं और नियोक्ता से किराया भत्ता प्राप्त करते हैं, तो आप एक कर्मचारी के रूप में आयकर अधिनियम के अनुसार, एचआरए पर छूट का दावा कर सकते हैं।
सैलरी भत्ता
ज्यादातर कंपनियां आपको टैक्स देनदारी कम करने के लिए आपकी सैलरी में कई तरह के प्रावधान करती हैं। आप अपने वेतन के हिस्से के रूप में चिकित्सा भत्ता, परिवहन भत्ता, शिक्षा भत्ता और टेलीफोन खर्च जैसे भत्ते का लाभ उठा सकते हैं, क्योंकि वे कर योग्य नहीं है।
धर्मार्थ योगदान
धारा 80जी के तहत धर्मार्थ योगदान आपकी आय में 10 प्रतिशत कटौती योग्य है। लेकिन आपको यह सुनिश्चित कर लेना चाहिए कि बिना किसी पावती के दान करने के बजाय संगठन से एक रसीद और उनके आयकर छूट प्रमाण पत्र आपके पास हो।