लखनऊ

यूपी बिजली उपभोक्ताओं को बड़ा झटका, 35 पैसे प्रति यूनिट महंगी हो सकती है बिजली, आयोग में भेजा ये प्रस्ताव

Electricity Expensive in Uttar Pradesh : उत्तर प्रदेश की बिजली कंपनियों ने उपभोक्ता को बड़ा झटका देने जा रही हैं। अब बिजली उपभोक्ताओं को 35 पैसा प्रति यूनिट अधिक दर से बिजली बिल चुकाना पड़ सकता है। बिजली कंपनियों ने इसके लिए उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग में प्रस्ताव दाखिल कर दिया है।

2 min read
Sep 15, 2022

Electricity Expensive in Uttar Pradesh : उत्तर प्रदेश की बिजली कंपनियों ने उपभोक्ता को बिजली बिल के नाम पर बड़ा झटका देने की पूरी तैयारी कर ली है। जिसके चलते अब बिजली उपभोक्ताओं को 35 पैसा प्रति यूनिट अधिक दर से बिजली बिल भरना पड़ सकता है। इसके लिए बिजली कंपनियों की तरफ से उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग में प्रस्ताव दाखिल कर दिया गया है। इस प्रस्ताव में बिजली कंपनियों ने फ्यूल सरचार्ज का हवाला दिया है। जबकि आयोग ने इस प्रस्ताव पर सवाल खड़े किए हैं तो उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद की तरफ से भी इस पर आपत्ति दर्ज कराई गई है। परिषद ने तर्क दिया है कि बिजली कंपनियों पर उपभोक्ताओं के ही 25,133 करोड़ रुपये निकलते हैं, ऐसे में बिजली महंगी करने के बजाय सस्ती होनी चाहिए।

बता दें कि बिजली कंपनियों की तरफ से आयोग को अप्रैल-मई-जून की तिमाही में महंगी बिजली खरीद के लिए 1028 करोड़ का फ्यूल सरचार्ज उपभोक्ताओं से वसूली के लिए प्रस्ताव सौंपा है। पावर कारपोरेशन के निदेशक की तरफ से आयोग में दाखिल इस प्रस्ताव के अनुमोदन के बाद यूपी में 35 पैसे प्रति यूनिट बिजली महंगी हो जाएगी। इसका भार आम उपभोक्ताओं से लेकर सभी श्रेणियों के उपभोक्ताओं पर पड़ेगा। बताया जा रहा है कि कारपोरेशन की तरफ से बुधवार को ही आयोग के चेयरमैन आरपी सिंह व अन्य के सामने प्रजेंटेशन दिया है। सूत्रों की मानें तो आयोग भी पावर कारपोरेशन के इस प्रस्ताव से सहमत नहीं हैै। फ्यूल सरचार्ज को लेकर आयोग ने भी सवाल उठाए हैं।

बढ़ाने के बजाय 25 पैसा प्रति यूनिट घटाने की मांग

जानकारों की मानें तो पावर कारपोरेशन के इस प्रस्ताव को आयोग ऐसे ही अनुमोदित नहीं करेगा। वहीं उपभोक्ता परिषद अध्यक्ष अवधेश वर्मा ने पावर कारपोरेशन के प्रस्ताव का विरोध करते हुए कहा है कि रेगुलेशन के तहत प्रस्ताव को लागू करने से पूर्व बिजली उपभोक्ताओं की भी राय लेनी होगी। क्योंकि 25,133 करोड़ रुपये में से 3088 करोड़ रुपये 2020-21 के ही बिजली कंपनियों पर सरप्लस निकले हैं। इस तरह 25 पैसे प्रति यूनिट घटनी चाहिए।

आयोग चेयरमैन ने दिया आश्वासन

अवधेश वर्मा ने कहा कि फ्यूल सरचार्ज लगाने पर सरप्लस राशि से फ्यूल सरचार्ज से मिलने वाले अतिरिक्त रेवेन्यू को घटाया जाए, ताकि बिजली महंगी नहीं हो पाए। वर्मा ने बताया कि आयोग चेयरमैन ने उन्हें आश्वासन दिया है कि सभी नियमों को देखकर ही अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।

Published on:
15 Sept 2022 09:41 am
Also Read
View All

अगली खबर