लखनऊ

Liquor Smuggling: आबकारी विभाग की बड़ी छापेमारी, फर्जी क्यूआर कोड लगाकर शराब बेचने वाला गिरफ्तार

लखनऊ के रहीमाबाद क्षेत्र में आबकारी विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए फर्जी क्यूआर कोड लगाकर अवैध विदेशी शराब बेचने वाले एक आरोपी को गिरफ्तार किया। छापेमारी के दौरान 135 शीशी अवैध शराब बरामद हुई। विशेष प्रवर्तन अभियान के तहत विभाग की संयुक्त टीम ने कार्रवाई की।

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Feb 23, 2026
फर्जी क्यूआर कोड लगाकर शराब बेचने वाले पर आबकारी विभाग की बड़ी कार्रवाई (Source: Police Media Cell)

Liquor Smuggling Fake QR Code: लखनऊ में अवैध शराब कारोबार के खिलाफ आबकारी विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए फर्जी क्यूआर कोड लगाकर विदेशी शराब की बिक्री करने वाले एक अभियुक्त को गिरफ्तार किया है। विशेष प्रवर्तन अभियान के तहत की गई इस छापेमारी में भारी मात्रा में अवैध मदिरा बरामद हुई। कार्रवाई से अवैध शराब माफियाओं में हड़कंप मच गया है।

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विशेष प्रवर्तन अभियान के तहत कार्रवाई

उत्तर प्रदेश में अवैध मदिरा की बिक्री, तस्करी एवं कर चोरी पर प्रभावी रोक लगाने के उद्देश्य से आबकारी आयुक्त उत्तर प्रदेश के निर्देश पर प्रदेशभर में विशेष प्रवर्तन अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के अंतर्गत लखनऊ जोन में संयुक्त आबकारी आयुक्त के निर्देशन तथा उप आबकारी आयुक्त लखनऊ प्रभार के पर्यवेक्षण में जिला आबकारी अधिकारी लखनऊ के नेतृत्व में टीम लगातार सक्रिय रूप से कार्रवाई कर रही है।

इसी क्रम में आबकारी विभाग की टीम को मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि थाना रहीमाबाद क्षेत्र के ग्राम रूसेना में फर्जी क्यूआर कोड लगाकर अवैध विदेशी शराब की बिक्री की जा रही है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए आबकारी विभाग ने तत्काल कार्रवाई की योजना बनाई।

रहीमाबाद पुलिस के साथ संयुक्त छापेमारी

आबकारी विभाग की टीम ने थाना रहीमाबाद पुलिस के साथ संयुक्त रूप से ग्राम रूसेना क्षेत्र में दबिश दी। टीम के पहुंचते ही मौके पर मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। तलाशी अभियान के दौरान संदिग्ध स्थानों की गहन जांच की गई।
जांच में यह सामने आया कि अवैध विदेशी मदिरा की बोतलों पर नकली क्यूआर कोड लगाए गए थे, जिससे शराब को वैध और सरकारी आपूर्ति का दिखाने की कोशिश की जा रही थी। अधिकारियों ने मौके से कुल 109 पौव्वे और 26 अद्धे, यानी कुल 135 शीशी अवैध विदेशी मदिरा बरामद की, जिसकी कुल मात्रा लगभग 29.37 बल्क लीटर पाई गई।

फर्जी क्यूआर कोड का खेल

आबकारी अधिकारियों के अनुसार, शराब की बोतलों पर लगाए गए क्यूआर कोड स्कैन करने पर असली डाटा प्रदर्शित नहीं हो रहा था। प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हुआ कि अभियुक्त नकली क्यूआर कोड लगाकर शराब की अवैध बिक्री कर रहा था, जिससे सरकार को राजस्व की हानि हो रही थी। फर्जी क्यूआर कोड का इस्तेमाल अवैध शराब कारोबारियों द्वारा तेजी से अपनाया जा रहा नया तरीका माना जा रहा है। इससे नकली या बिना कर चुकाई शराब को वैध दिखाकर बाजार में बेचा जाता है।

अभियुक्त गिरफ्तार

छापेमारी के दौरान टीम ने मौके से रंजीत यादव नामक अभियुक्त को गिरफ्तार किया। पूछताछ में कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिलने की संभावना जताई जा रही है। अधिकारियों का मानना है कि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान भी जल्द की जा सकती है। आबकारी विभाग ने बरामद अवैध शराब को कब्जे में लेकर अभियुक्त के विरुद्ध थाना रहीमाबाद में संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया है। आगे की जांच पुलिस एवं आबकारी विभाग संयुक्त रूप से कर रहे हैं।

लगातार सख्त हो रही निगरानी

जिला आबकारी अधिकारी ने बताया कि अवैध शराब की बिक्री और तस्करी को रोकना विभाग की प्राथमिकता है। त्योहारों और विशेष अवसरों को ध्यान में रखते हुए निगरानी और प्रवर्तन कार्रवाई तेज कर दी गई है। विभाग की टीमें लगातार संवेदनशील क्षेत्रों में छापेमारी कर रही हैं। उन्होंने कहा कि अवैध शराब न केवल सरकार को आर्थिक नुकसान पहुंचाती है बल्कि आम जनता के स्वास्थ्य के लिए भी गंभीर खतरा बनती है। इसलिए ऐसे मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती जाएगी।

टीम की सक्रिय भूमिका

इस सफल कार्रवाई में आबकारी विभाग की टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। दबिश में शामिल अधिकारियों में आबकारी निरीक्षक सेक्टर-2 अखिलेश कुमार, आबकारी निरीक्षक सेक्टर-9 विजय राठी, आबकारी निरीक्षक सेक्टर-6 शिखर मल्ल तथा आबकारी निरीक्षक क्षेत्र-4 अभिषेक सिंह सहित पूरी प्रवर्तन टीम शामिल रही। टीम द्वारा योजनाबद्ध तरीके से की गई कार्रवाई के चलते अभियुक्त को भागने का मौका नहीं मिल सका और मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया।

अवैध शराब कारोबारियों पर शिकंजा

आबकारी विभाग का कहना है कि हाल के दिनों में नकली क्यूआर कोड लगाकर शराब बेचने की शिकायतें बढ़ी हैं। ऐसे मामलों में तकनीकी जांच को भी मजबूत किया गया है। विभाग अब शराब की आपूर्ति श्रृंखला की डिजिटल निगरानी बढ़ाने की दिशा में काम कर रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि अवैध शराब कारोबार केवल कानून व्यवस्था का ही नहीं बल्कि सार्वजनिक स्वास्थ्य का भी गंभीर मुद्दा है। नकली शराब के सेवन से जहरीली शराब की घटनाएं भी सामने आती रही हैं।

आम जनता से सहयोग की अपील

आबकारी विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि यदि कहीं अवैध शराब की बिक्री या संदिग्ध गतिविधि दिखाई दे तो तुरंत विभाग या स्थानीय पुलिस को सूचना दें। सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान गोपनीय रखी जाएगी। अधिकारियों ने यह भी सलाह दी कि शराब खरीदते समय उपभोक्ता क्यूआर कोड अवश्य स्कैन करें और उसकी प्रामाणिकता की जांच करें।

आगे भी जारी रहेगा अभियान

लखनऊ सहित पूरे प्रदेश में अवैध शराब के खिलाफ यह विशेष अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। विभाग का लक्ष्य अवैध मदिरा के नेटवर्क को पूरी तरह समाप्त करना और राजस्व हानि रोकना है। रहीमाबाद क्षेत्र में हुई इस कार्रवाई को आबकारी विभाग की बड़ी सफलता माना जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में ऐसे कारोबारियों के खिलाफ और सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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