लखनऊ

‘फांसी पर लटका दीजिये, आपकी सरकार है’, कौन हैं सपा नेता आईपी सिंह? किस वजह से दर्ज हुई FIR

About Samajwadi Party Leader IP Singh: जानिए समाजवादी पार्टी के दिग्गज नेता आईपी सिंह के खिलाफ क्यों FIR दर्ज हुई है? आखिर पूरा मामला क्या है?

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Apr 09, 2026
कौन है सपा नेता आईपी सिंह? फोटो सोर्स-X (@IPSinghSp)

About Samajwadi Party Leader IP Singh: उत्तर प्रदेश के CM योगी आदित्यनाथ को 'डकैत' बताने पर समाजवादी पार्टी के नेता IP सिंह के खिलाफ FIR दर्ज हुई है। शिकायतकर्ता ने IP सिंह पर सरकार की छवि धूमिल करने और सौहार्द बिगाड़ने के आरोप लगाए हैं।

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'X' पर Ai वीडियो किया शेयर

समाजवादी पार्टी के नेता आईपी सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर एक Ai वीडियो शेयर किया। यह Ai वीडियो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का था। कुछ मीडिया रिपोर्ट का जिक्र करते हुए वीडियो में CM योगी को 'रहमान डकैत' के रूप में डांस करते हुए दिखाया गया। सपा नेता ने पोस्ट में लिखा, "9 वर्षो में PDA वर्ग का आरक्षण निगल जाने वाला डकैत।"

IT एक्ट और BNS की कई धाराओं में मुकदमा दर्ज

इसके बाद धर्म सिंह नाम के एक व्यक्ति ने सपा नेता के खिलाफ लखनऊ की हजरतगंज कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई। इस पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने सपा नेता के खिलाफ IT एक्ट और BNS की कई धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।

शिकायत में क्या लिखा गया?

धर्म सिंह ने अपनी शिकायत में लिखा, "निराधार तथ्यों को CM योगी आदित्यनाथ की एडिट फोटो के साथ वायरल किया जा रहा है। यह कृत्य जानबूझकर सरकार की छवि धूमिल किए जाने व विभिन्न वर्गों की जातियों के विरुद्ध द्वेष भावना उत्पन्न किए जाने, सौहार्द बिगाड़ने और शांतिभंग करने आदि के उद्देश्य से सोशल मीडिया पर डाला गया है। ऐसे आपत्तिजनक वीडियो को देखकर मेरी और उत्तर प्रदेश के लाखों लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं। इससे लोगों के बीच अशांति, घृणा व शत्रुता उत्पन्न होने की प्रबल संभावना है।"

दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की मांग

उन्होंने मांग की कि मामले में FIR पंजीकृत कर दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए। हालांकि, यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया, जब लखनऊ में समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव को 'रहमान डकैत' बताते हुए पोस्टर लगाए गए थे। इन पोस्टर में मुख्यमंत्री योगी को 'धुरंधर' बताया गया। इससे नाराज समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने बाद में वह पोस्टर फाड़ दिए।

कौन है आईपी सिंह

कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, आईपी सिंह पहले भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और प्रवक्ता रह चुके हैं। हालांकि, समय के साथ वह समाजवादी पार्टी के प्रमुख नेता अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) के समर्थन में खुलकर नजर आने लगे। बताया जाता है कि साल 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान उन्होंने अखिलेश यादव को अपना घर चुनावी कार्यालय के रूप में इस्तेमाल करने का प्रस्ताव भी दिया था। इस घटनाक्रम के बाद भाजपा ने इसे अनुशासनहीनता और पार्टी विरोधी गतिविधि मानते हुए आईपी सिंह को छह साल के लिए निष्कासित कर दिया।

FIR दर्ज होने के बाद क्या बोले?

FIR दर्ज होने के बाद IP सिंह ने X पर पोस्ट किया, ''खबर आयी है कि इस ट्वीट पर मेरे विरुद्ध मुकदमा दर्ज़ कर दिया गया है, शिकायतकर्ता धर्म सिंह का कहना है कि - "ऐसे आपत्तिजनक वीडियो को देखकर मेरी और उत्तर प्रदेश के लाखों लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं। इससे लोगों के बीच अशांति, घृणा व शत्रुता उत्पन्न होने की प्रबल संभावना है।" अब इस अमृतकाल में जो है सब ठीक है, फांसी पर लटका दीजिये एक मीम डालने पर, आपकी सरकार है।

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