लखनऊ के लेवाना सुइट्स होटल में हुए भीषण हदसे को लेकर मंगलवार से जांच शुरू कर दी गई है। इस दौरान कमिश्नर डॉ. रोशन जैकब, पुलिस कमिश्नर शिरडकर ने होटल में हुए हादसे का बारीकी से निरीक्षण किया।
लखनऊ: लेवाना सुइट्स होटल (Levana Suites Hotel) में हुए भीषण हदसे को लेकर मंगलवार से जांच शुरू कर दी गई है। इस दौरान कमिश्नर डॉ. रोशन जैकब, पुलिस कमिश्नर शिरडकर ने होटल में हुए हादसे का बारीकी से निरीक्षण किया। जांच के दौरान उन कमरों को भी देखा गया, जहां ठहरे चार लोगों की दम घुटने से मौत हो गई थी। जांच के दौरान होटल में कई खामियां मिलीं। साथ ही यह भी पाया गया कि यदि होटल से निकासी की सुविधा सही रहती तो चारों की जान बच सकती थी। इस दौरान जांच टीम को कुछ शराब की बोतलें भी मिलीं। क्योंकि होटल में बार भी था। जांच कर रहे विशेषज्ञों का कहना है कि शराब ज्वलनशील होती है। इसके फटने से आग की लपटें दूर-दूर तक फैली हैं।
जांच रिपोर्ट को काफी हद तक तैयार
जांच के दौरान होटल में कुछ अग्निशमन उपकरण भी खराब मिले। साथ ही यह भी पाया गया कि निकासी के लिये अलग से सीढ़ी होती और धुआं निकलने की व्यवस्था होती तो चारों की जान बच जाती। अग्निशमन उपकरण कुछ खराब मिले। कर्मचारियों को पर्याप्त प्रशिक्षण भी नहीं था। वहीं जांच कर रहे अफसरों का कहना है कि जांच रिपोर्ट को काफी हद तक तैयार कर लिया गया है। हादसे की जांच के लिए प्रमुख सचिव गृह ने कमेटी बना दी थी। उन्होंने बताया कि कमेटी में मंडलायुक्त और पुलिस कमिश्नर को रखा गया था।
रिपोर्ट जल्दी शासन को सौंपी जायेगी
अफसरों ने बताया कि मंडलायुक्त और पुलिस कमिश्नर ने मंगलवार सुबह लेवाना होटल पहुंचकर कुछ कर्मचारियों से बात की। फिर भूतल से लेकर ऊपरी मंजिल तक दोनों अफसर गये। वीडियो फुटेज देखने चाही लेकिन सब खराब मिले। डीआईजी फायर आकाश कुलहरी से यह भी पता किया कि दमकल जब पहुंची तो यहां कैसे हालात थे। खिड़कियों के शीशे को ढक कर लगी जालियों के बारे में भी विस्तार से पूछा। जालियों को काटने के लिये क्या क्या मशक्कत करनी पड़ी जाना। उनका कहना है कि रिपोर्ट जल्दी ही शासन को सौंप दी जायेगी। जो भी जिम्मेदार होगा उसपर सख्त कार्रवाई होगी।