लखनऊ

Amitabh Thakur Health Update: जेल में अचानक बिगड़ी अमिताभ ठाकुर की तबीयत, देवरिया-गोरखपुर के बाद लखनऊ पीजीआई में भर्ती

Amitabh Thakur Admitted to PGI Lucknow: देवरिया जिला जेल में बंद पूर्व आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर की तबीयत अचानक बिगड़ने के बाद उन्हें देवरिया और गोरखपुर होते हुए लखनऊ पीजीआई रेफर किया गया है। कार्डियोलॉजी विभाग में भर्ती ठाकुर की हालत गंभीर बनी हुई है और विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम लगातार निगरानी कर रही है।

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Jan 08, 2026
कार्डियोलॉजी विभाग में भर्ती, चार डॉक्टरों की विशेष टीम कर रही निगरानी, हालत गंभीर (फोटो सोर्स : WhatsApp News Group)

Amitabh Thakur Health : देवरिया जिला जेल में निरुद्ध पूर्व आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर की तबीयत मंगलवार देर रात अचानक बिगड़ गई। सीने में तेज दर्द की शिकायत के बाद उन्हें पहले देवरिया मेडिकल कॉलेज, फिर गोरखपुर मेडिकल कॉलेज ले जाया गया। बुधवार को स्थिति गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उन्हें लखनऊ स्थित संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान (पीजीआई) रेफर कर दिया। फिलहाल अमिताभ ठाकुर को पीजीआई के कार्डियोलॉजी विभाग में भर्ती कर विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया है। पीजीआई पीआरओ ने बताया कि समय- समय पर अमिताभ ठाकुर के स्वास्थ्य की जानकारी जारी कर दी जाएगी। जैसे पीजीआई प्रशासन हमेशा से करता आया हैं।

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पीजीआई में डॉक्टरों की कड़ी निगरानी

पीजीआई निदेशक प्रो. आर.के. धीमान ने बताया कि अमिताभ ठाकुर की हालत अभी गंभीर बनी हुई है। उनकी स्थिति को देखते हुए चार डॉक्टरों की विशेष टीम लगातार उनकी निगरानी और इलाज में जुटी हुई है। उन्होंने बताया कि हार्ट अटैक की आशंका को ध्यान में रखते हुए सभी रूटीन और विशेष जांचें दोबारा कराई जा रही हैं, ताकि किसी भी संभावित खतरे को समय रहते नियंत्रित किया जा सके। डॉक्टरों के अनुसार, अमिताभ ठाकुर की ईसीजी रिपोर्ट काफी खराब आई है, जो चिंता का विषय है। इसी वजह से उन्हें गोरखपुर से उच्च चिकित्सा केंद्र पीजीआई लखनऊ रेफर किया गया।

हार्ट की दवा न लेने से बिगड़ी हालत

पीजीआई प्रशासन के मुताबिक, जांच के दौरान यह बात सामने आई है कि अमिताभ ठाकुर पिछले नौ दिनों से हृदय से संबंधित नियमित दवाएं नहीं ले रहे थे। डॉक्टरों का मानना है कि दवा में यह अंतराल उनकी तबीयत बिगड़ने का एक बड़ा कारण हो सकता है। विशेषज्ञ चिकित्सक अब दवा और इलाज के माध्यम से उनकी स्थिति को स्थिर करने का प्रयास कर रहे हैं।

हालांकि, राहत की बात यह है कि बुधवार को कराई गई ट्रोप-आई (Troponin-I) जांच में हार्ट अटैक की पुष्टि नहीं हुई है। यह जांच हार्ट अटैक की पहचान के लिए सबसे अहम मानी जाती है। इसके बावजूद डॉक्टर किसी भी तरह का जोखिम लेने के पक्ष में नहीं हैं और हर पहलू से उनकी स्वास्थ्य स्थिति की जांच की जा रही है।

जेल में रात को अचानक बढ़ा दर्द

घटना का क्रम बताते हुए अधिकारियों ने बताया कि मंगलवार को अमिताभ ठाकुर की जमानत याचिका पर देवरिया की सीजेएम कोर्ट में सुनवाई थी। पुलिस उन्हें जेल से अदालत लेकर गई थी, जहां दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी। पेशी के बाद उन्हें शाम करीब तीन बजे वापस जेल लाया गया। जेल सूत्रों के अनुसार, रात करीब 9:30 बजे अमिताभ ठाकुर ने भोजन किया और उसके बाद कुछ समय तक लिखने-पढ़ने में लगे रहे। इसके बाद रात करीब 12 बजे उन्हें अचानक सीने में तेज दर्द महसूस हुआ। दर्द के साथ घबराहट और बेचैनी भी बढ़ने लगी, जिससे स्थिति गंभीर हो गई।

जेल प्रशासन की तत्परता

अमिताभ ठाकुर की तबीयत बिगड़ते ही जेल प्रशासन ने बिना देरी किए उन्हें तत्काल देवरिया मेडिकल कॉलेज पहुंचाया। वहां प्राथमिक जांच और उपचार के बाद डॉक्टरों ने उनकी हालत को देखते हुए उन्हें उच्च चिकित्सा सुविधा के लिए गोरखपुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। गोरखपुर में शुरुआती जांच के दौरान हार्ट अटैक की आशंका जताई गई, जिससे चिंता और बढ़ गई। हालांकि, विस्तृत जांच और ट्रोप-आई रिपोर्ट आने के बाद हार्ट अटैक की पुष्टि नहीं हो सकी। इसके बावजूद ईसीजी रिपोर्ट संतोषजनक न होने के कारण डॉक्टरों ने उन्हें लखनऊ पीजीआई भेजने का फैसला लिया।

अमिताभ ठाकुर को कानूनी मोर्चे पर भी राहत नहीं 

स्वास्थ्य संकट के साथ-साथ अमिताभ ठाकुर को कानूनी मोर्चे पर भी राहत नहीं मिल पाई है। उनकी जमानत याचिका पहले ही खारिज हो चुकी है और वे न्यायिक अभिरक्षा में हैं। ऐसे में जेल में रहते हुए उनकी बिगड़ती तबीयत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। उनके समर्थकों और परिजनों का कहना है कि पूर्व आईपीएस अधिकारी की सेहत को देखते हुए उन्हें उचित चिकित्सा सुविधा और मानवीय आधार पर राहत मिलनी चाहिए। वहीं, प्रशासन का कहना है कि उन्हें सभी आवश्यक चिकित्सकीय सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

समर्थकों और संगठनों में चिंता

अमिताभ ठाकुर की तबीयत बिगड़ने की खबर फैलते ही उनके समर्थकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और अधिकार संगठनों में चिंता का माहौल है। सोशल मीडिया पर भी लोग उनकी सेहत को लेकर लगातार अपडेट मांग रहे हैं और बेहतर इलाज की अपील कर रहे हैं। कुछ संगठनों ने यह सवाल भी उठाया है कि यदि किसी बंदी को पहले से हृदय संबंधी बीमारी है, तो उसकी नियमित दवाओं और स्वास्थ्य जांच को लेकर और अधिक सतर्कता बरती जानी चाहिए।

डॉक्टरों की राय: अगला 48 घंटे अहम

पीजीआई के चिकित्सकों के अनुसार, अमिताभ ठाकुर के इलाज के लिहाज से अगले 24 से 48 घंटे बेहद अहम हैं। इस दौरान उनकी हार्ट रेट, ब्लड प्रेशर, ईसीजी और अन्य महत्वपूर्ण पैरामीटर पर लगातार नजर रखी जा रही है। जरूरत पड़ने पर आगे की जांच या विशेष प्रक्रिया भी अपनाई जा सकती है।

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