गोमती नगर स्थित नीलकंठ स्वीट्स में खाद्य सुरक्षा और औषधि प्रशासन ( FSDA ) ने हाल ही में छापेमारी की। इस कार्रवाई के तहत मोतीचूर लड्डू, घेवर, समोसा समेत सात नमूने गुणवत्ता की जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं। यह कदम तब उठाया गया जब एक न्यायिक अधिकारी और उनके परिवार की तबीयत मिठाई खाने के बाद खराब हो गई थी।
लखनऊ के गोमतीनगर स्थित नीलकंठ स्वीट्स पर खाद्य सुरक्षा और औषधि प्रशासन ( FSDA) ने हाल ही में छापेमारी की। यह कार्रवाई विशेष रूप से तब शुरू की गई जब एडीजे (जज) ने मिठाई खाने के बाद अपनी तबीयत खराब होने की शिकायत की।
एफएसडीए की टीम ने नीलकंठ स्वीट्स से मोतीचूर लड्डू, घेवर, समोसा, अनरसा और गोलगप्पे समेत कुल सात नमूने संग्रहित किए और इन्हें गुणवत्ता जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा। इन नमूनों में बेसन, घी, और अन्य सामग्री शामिल हैं जिनका इस्तेमाल मिठाई बनाने में किया जाता है।
यह कार्रवाई तब शुरू की गई जब एडीजे ने नीलकंठ स्वीट्स से मिठाई खरीदी उसके सेवन के बाद तबीयत खराब होने की शिकायत की। 31 जुलाई को एडीजे ने नीलकंठ स्वीट्स से बूंदी के लड्डू, घेवर, अनरसा, समोसा और पानी के बताशे खरीदे थे। इन मिठाइयों को खाने के बाद एडीजे, उनकी बहन और नौकरानी की तबीयत खराब हो गई थी, जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती किया गया था।
निरीक्षण के दौरान एफएसडीए की टीम ने नीलकंठ स्वीट्स में पाई गई कमियों को दूर करने के लिए इंप्रूवमेंट नोटिस जारी किया। दुकान मालिक विष्णु गुप्ता को खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने यह नोटिस थमाया है, जिसमें खाद्य गुणवत्ता के मानकों को पूरा करने के लिए आवश्यक सुधार की बात कही गई है।
एफएसडीए की छापेमारी: नीलकंठ स्वीट्स पर छापेमारी के बाद सात नमूने जांच के लिए भेजे गए।
जज की तबीयत खराब: मिठाई खाने के बाद न्यायिक अधिकारी और उनके परिवार की तबीयत खराब होने का मामला।
इम्प्रूवमेंट नोटिस: एफएसडीए ने मिठाई की दुकान को सुधार के लिए नोटिस जारी किया।
एफएसडीए की छापेमारी के बाद नीलकंठ स्वीट्स पर गंभीर कार्रवाई की गई है। खाद्य सुरक्षा मानकों की समीक्षा और सुधार की प्रक्रिया जारी है। नागरिकों को सलाह दी जाती है कि वे खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता के प्रति सतर्क रहें और किसी भी स्वास्थ्य संबंधी समस्या की स्थिति में तुरंत संबंधित अधिकारियों से संपर्क करें।