लखनऊ

दो महीने में 5780 रुपए तक लुढ़का सोना, खरीदने से पहले दुकानदार से जरूर पूछे ये चार सवाल, होगी बचत

एक ग्राहक को सोने के आभूषण (Gold Jewellery) खरीदते समय चार कारकों को हमेशा ध्यान में रखना चाहिए। वह हैं- सोने की शुद्धता (Gold Purity) को मापना, एक्सचेंज की नीतियों को समझना, उत्पाद की वारंटी को जानना और बिल का पारदर्शी होना जिसमें, जिसमें सोने से लेकर, मेकिंग चार्जेज, नग आदि की अलग-अलग वैल्यू मौजूद हो।

3 min read
Feb 28, 2021
Gold rates today

पत्रिका न्यूज नेटवर्क.
लखनऊ. सोना का भाव (Gold Rate Today) बीते दो माह में काफी गिरा है। Goodreturns.com के अनुसार, इस वर्ष की बात करें तो पांच जनवरी को लखनऊ में 24 कैरेट सोना का भाव (24 carat gold rate) अब तक के सबसे उच्चतम स्तर पर रहा। उस दिन इसकी कीमत 54,700 रुपए प्रति 10 ग्राम थी। आज 28 फरवरी को इसकी दाम 48920 रुपए प्रति 10 ग्राम है। मतलब यह सुनहरा धातु 5780 रुपए तक लुड़का है। 19 फरवरी को तो इसकी चमक और कम पड़ी थी, जब इसके दाम 47,360 रुपए तक पहुंच गए थे।

बाजार के विशेषज्ञों का कहना है कि सोने में निवेश करने के समय सही है। हालांकि, आगे कुछ और गिरावट की उम्मीद है। लेकिन सोना खरीदते वक्त कुछ विशेष सवाल अपने जहन में जरूर रखें। अधिकतर सुनार, बड़ी चालाकी से ग्राहकों से अधिक वसूली कर जाते हैं और उन्हें पता भी नहीं चल पाता। लेकिन यदि ग्राहक सही तथ्यों से परिपूर्ण होंगे, तो वह ज्यादा दाम देने से बच सकेंगे और उनकी बचत भी होगी।

एक ग्राहक को सोने के आभूषण खरीदते समय चार कारकों को हमेशा ध्यान में रखना चाहिए। वह हैं- सोने की शुद्धता को मापना, एक्सचेंज की नीतियों को समझना, उत्पाद की वारंटी को जानना और बिल का पारदर्शी होना जिसमें, जिसमें सोने से लेकर, मेकिंग चार्जेज, नग आदि की अलग-अलग वैल्यू मौजूद हो। इन्हें जरा विस्तार से समझिए-

आभूषण में नग का वजन अलग से कराएं-

ग्राहक जब भी नग जड़े सोने के आभूषण खरीदें, तो वह ध्यान दें कि सोने का वजन अलग और उसमें जड़ने वाले रत्न के वजन अलग कर उसकी वैल्यू की जाए। क्योंकि ज्वैलर्स दोनों को एक साथ जोड़ते हुए और उसकी प्राइस सोने के भाव के हिसाब से लगा देते हैं। आभूषण में लगने वाले रत्न बेहद ही सस्ते होते हैं। जब्कि सोने के भाव तो ज्यादा होते ही हैं। क्योंकि यदि ग्राहक ऐसे नहीं करेंगे तो वापस सुनार को बेचते वक्त उसे भारी नुकसान होगा। सुनार रत्न हटाकर सोने का वजन करते हैं और उस हिसाब से आभूषण की कीमत लगती है।

शुद्धता जरूर परखें-

कुछ ज्वैलर्स ग्राहकों को विशुद्धता में भी धोखा दे देते हैं। सोने की शुद्धता की जांच कैरेट के जरिए की जाती है। 24 कैरेट सोने को सोने का सबसे शुद्ध रूप माना जाता है। लेकिन इसकी ज्वैलरी नहीं बनती है, क्‍योंकि ये बेहद मुलायम होता है। वहीं 22 कैरेट सोना, सोने के 22 भागों और जिंक व कॉपर जैसे दो भागों को मिलाकर बनता है। ज्यादा इसकी मांग होती है। वहीं 18 कैरेट सोना और इससे नीचे की कैटिगरी का सोना भी मिलता है। आमतौर पर, जौहरी उच्च दर पर कम कैरेट वाला सोना बेचकर ग्राहकों को धोखा देते हैं। जैसे 22 कैरेट सोने की कीमत में 18 कैरेट सोने की बिक्री करते हैं। ऐसे जो भी आभूषण हो उसके कैरेट की जांच जरूर करें।

मेकिंग चार्जेंज में तोलमोल जरूर करें-
पैसा कमाने के लिए ज्वैलर्स कभी-कभी कुछ ज्यादा ही मेकिंग चार्जेज मांगते हैं। अलग-अलग ज्वेलर्स मेकिंग चार्जेज के रूप में अलग-अलग रकम वसूलते हैं। आमतौर पर मेकिंग चार्जेज सोने के मूल्य का लगभग 4% से 20% ही होता है। लेकिन कुछ ज्वैलर्स 40% तक चार्ज भी लेते हैं। इसके सबसे बड़ा नुकसान ग्राहक को तब होता है जब वह दोबारा सुनार के पास उसे बेचने जाता है। तो मेकिंग चार्जेस पर तोलमोल जरूर करें।

सफाई कराने से पहले व बाद में वजन जरूर कराएं आभूषण-
ग्राहक अपने सोने के गहने ज्वैलर्स को साफ करने के लिए देते हैं। लेकिन, यह हमेशा सुरक्षित नहीं होता है क्योंकि कई ज्वैलर्स सोने की सफाई करते समय ग्राहकों को धोखा देते हैं। आभूषणों को एसिड के घोल में डालकर साफ किया जाता है। जब सोने को एसिड में डाला जाता है, तो सोने के कण घुल जाते हैं। यदि आप सफाई से पहले और बाद में गहने पहनते हैं, तो आप वजन में कुछ अंतर पा सकते हैं। ऐसे में सफाई से पहले और बाद में ग्राहक अभूषणों का वजन जरूर कर ले।

Updated on:
28 Feb 2021 06:08 pm
Published on:
28 Feb 2021 05:58 pm
Also Read
View All