लखनऊ

GST में आते ही 17 रुपये सस्ती होगी शराब, इतना हो जाएगा प्राइस

केंद्र और राज्य सरकारें दोनों ही खजाना खाली होने के डर से पेट्रोल-डीजल और शराब को जीएसटी में शामिल करने से डरती हैं। 28 और 29 जून को चंडीगढ़ में जीएसटी काउंसिल की बैठक है। इस बैठक में कई बड़े फैसले लिए जा सकते हैं।

less than 1 minute read
Jun 27, 2022
Alcohol

भारत में गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स को लागू हुए पांच वर्ष पूरे हो चुके हैं। जीएसटी लागू होने के समय से ही पेट्रोल-डीजल और शराब को इस दायरे से बाहर रखा गया है। केंद्र और राज्य सरकारें दोनों ही खजाना खाली होने के डर से पेट्रोल-डीजल और शराब को जीएसटी में शामिल करने से डरती हैं। 28 और 29 जून को चंडीगढ़ में जीएसटी काउंसिल की बैठक है। इस बैठक में कई बड़े फैसले लिए जा सकते हैं। इस बैठक में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण सहित कई मंत्री शामिल होंगे।

शराब पर क्यों नहीं लगता टैक्स

पेट्रोल-डीजल के बाद राज्यों की सबसे ज्यादा कमाई शराब से होती है। 2019-20 में देशभर में शराब से कुल 1.75 लाख करोड़ की कमाई हुई। उदाहरण के तौर पर 900 रुपये की अंग्रेजी शराब पर 35 प्रतिशत टैक्स और 900 से ज्यादा रुपये की अंग्रेजी शराब पर 45 प्रतिशत टैक्स। अगर यूपी में शराब को जीएसटी में शामिल कर सबसे ज्यादा 28 प्रतिशत के टैक्स स्लैब में बनाया जाता है। तो यहां 100 रुपये बीयर की कीमत 17 रुपये हो जाएगी। इसका मतलब है कि एक बीयर की बोतल 100 रुपये के बजाय 83 रुपये में मिलेगी। इससे सरकार के खजाने में 45 रुपये के बजाय 28 रुपये ही जमा होंगे।

पांच सालों में कितना जीएसटी मुआवजा मिला

राज्य

सबसे अधिक महाराष्ट्र में- 60,094

कर्नाटक- 54,263

गुजरात- 40,024

उत्तर प्रदेश- 25,325

दिल्ली- 23,743

राजस्थान- 18,593

मध्य प्रदेश - 18, 296

Published on:
27 Jun 2022 07:57 pm
Also Read
View All