
लखनऊ. हाथरस दुष्कर्म (Hathras case) मामला सुप्रीम कोर्ट (Supreme court) पहुंच गया है। मामले में जनहित याचिका दाखिल कर प्रकरण की सीबीआई (CBI) जांच की मांग की गई है। याचिका में जांच की निगरानी सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) या हाईकोर्ट के वर्तमान या रिटायर्ड जज से कराने की मांग भी की गयी है। दिल्ली निवासी सत्यमा दुबे, विकास ठाकरे, रुद्र प्रताप यादव और सौरभ यादव ने यह याचिका दाखिल की है। उनका मानना है कि यूपी में मामले की जांच व ट्रायल निष्पक्ष तरीके से नहीं हो पाएगी।
वहीं इससे पहले इलाहाबाद हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश गोविन्द माथुर को अधिवक्ता गौरव द्विवेदी ने पत्र भेजकर प्रार्थना की है कि वह दुष्कर्म मामले का स्वत: संज्ञान लेकर युक्तियुक्त निर्देश जारी करें। अधिवक्ता ने पत्र में कहा है कि मामले की जांच किसी निष्पक्ष एजेंसी से कराई जाए ताकि समूचे घटना की सही जांच हो सके।
सीएम कर चुके हैं एसआईटी का गठन-
सीएम योगी ने बुधवार को मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया है व दस दिन के भीतर रिपोर्ट मांगी है। उन्होंने मुकदमे के लिए एक फास्ट-ट्रैक कोर्ट का भी आदेश दिया। उन्होंने बताया प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनसे बात की थी व आरोपियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी सजा की मांग की थी। सीएम ने कहा कि पीएम ने हाथरस की घटना पर बात की है और कहा है कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।