Holi 2018: आज से होलाष्टक शुरू हो गए हैं और होलिका दहन के साथ ये खत्म होंगे...
लखनऊ. हिंदू धर्म में होली के त्योहार का बहुत बड़ा महत्व है। लोग मानते हैं कि ये त्योहार दो दिलों को जोड़ने वाला है। होली के रंग न सिर्फ आपके शरीर को रंगीन करते हैं बल्कि आपके जीवन को भी पॉजिटिव एनर्जी से सराबोर कर देते हैं। लेकिन होली से पहले आज से होलाष्टक भी शुरू हो गए हैं। विद्वानों के मुताबिक होलाष्टक के दौरान कोई भी शुभ काम नहीं करते। इसके पीछे धार्मिक और पौराणिक कारण तो है ही इसके साथ ही वैज्ञानिक कारण भी हैं। ऐसा माना जाता है कि धुलेंडी से आठ दिन पहले होलाष्टक शुरु होते हैं और इस दौरान वातावरण में निगेटिव एनर्जी काफी अधिक हो जाती है। जो आपको नुकसान पहुंचा सकती है।
आज से होलाष्टक शुरू
आपको बता दें कि इस साल 2 मार्च को होली का त्योहार मनाया जाएगा। लेकिन उससे पहले आज से होलाष्टक शुरू हो गए हैं जो होलिका दहन के साथ खत्म होंगे। ऐसी मान्यता है कि फाल्गुन शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि से होलाष्टक लग जाते हैं और पूर्णिमा तक रहता है। लखनऊ के विकास नगर में रहने वाले पंडित राकेश दीक्षित की अगर मानें तो होलाष्टक का मतलब होला+अष्टक होता है। यानी कि होली से पहले के आठ दिन होलाष्टक चलता है। इन 8 दिनों में कोई भी शुभ काम नहीं करना चाहिए।
नहीं करें कोई भी शुभ काम
राकेश दीक्षित ने बताया कि होलाष्टक के दौरान विवाह, गृह प्रवेश समेत सभी शुभ काम करना मना होता है। उन्होंने बताया कि जिस लड़की की इस साल शादी हुई होगी उसे भी मायके वापस बुला लिया जाता है। पंडित ने बताया कि फाल्गुन शुक्ल अष्टमी से आपके व्यवहार में निगेटिव एनर्जी आ जाती है। जो आपके जीवन और रहन-सहन को नुकसान पहुंचा सकती है। इसलि होलाष्टक के दौरान सभी को सावधान रहना चाहिए। राकेश दीक्षित के मुताबिक अगर आप होलाष्टक को नजरअंदाज कर कोई भी शुभ काम इस दौरान करोगे तो उसमें बार-बार बाधा आएगी। आपका वह काम कतई पूरा नहीं हो सकता। इसीलिए पंडित भी होलाष्टक के दौरान किसी भी शुभ काम जैसे शादी, मुंडन, नामकरण, ग्रह प्रवेश जैसे शुभ कामों के मुहुर्त नहीं निकालते।