
होली 2022 शुक्रवार 18 मार्च को मनाई जाएगी। 17 तारीख को होलिका दहन होगा। होलिका दहन में भद्रा दोष रहेगा। इसलिए होलिका दहन रात में पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र में किया जाएगा। इसके साथ होलिका दहन पर दुर्लभ संयोग बनेगा। पहली बार ऐसा महासंयोग बन रहा है। 17 मार्च को गजकेसरी, वरिष्ठ और केदार तीन बड़े राजयोग की उपस्थिति में होलिका दहन होगा। होलिका दहन पर यह शुभ योग मान-सम्मान, पारिवारिक सुख और समृद्धि बढ़ाएगा।
तीन बड़े राजयोग बन रहे हैं
देव गुरु बृहस्पति के दिन होलिका दहन होगा। बृहस्पति का दृष्टि संबंध चंद्रमा से होने पर गजकेसरी योग बनेगा। इसके साथ ही होलिका दहन पर वरिष्ठ और केदार योग भी बन रहे हैं। लखनऊ के राजाजीपुरम निवासी ज्योतिषाचार्य अजय श्रीवास्तव बताते हैं कि, पहली बार होलिका दहन पर ये तीन राजयोग बन रहे हैं। सूर्य का मित्र राशि में होना इस पर्व को और शुभ बना रहा है। ऐसी शुभ स्थिति आज तक नहीं बनी। होलिका दहन पर विशेष ग्रह-योग से रोग, शोक और दोष का नाश होगा।
होलिका दहन शुभ का प्रतीक
ज्योतिषाचार्य अजय श्रीवास्तव बताते हैं कि, कमाल की बात है की होली पर नक्षत्र, महीने और ऋतु के स्वामी एक ही राशि में होंगे। वसंत ऋतु का स्वामी शुक्र होता है। 14 मार्च से वसंत ऋतु का आगमन हो गया है। होलिका दहन शुक्र के ही पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र में होगा। ये ग्रह सुख-सुविधा, समृद्धि, उत्सव, हर्ष और ऐश्वर्य का कारक है। फाल्गुन महीने का स्वामी शनि है। शुक्र-शनि आपस में मित्र हैं और दोनों ही मकर राशि में साथ होकर युति बना रहे हैं। इस प्रकार ये त्यौहार शुभ की प्रतीक है।
रियल एस्टेट का अच्छा समय
काशी विद्वत परिषद के महामंत्री प्रो. रामनारायण द्विवेदी के अनुसार, उद्योग बढ़ेंगे। रियल एस्टेट से जुड़े लोगों को अच्छा समय शुरू होगा।