
लखनऊ. अब आप घर बैठे अपने मकान, दुकान, फ्लैट व प्लाट की रजिस्ट्री करा सकेंगे। प्रदेश सरकार (UP Government) ऑनलाइन रजिस्ट्री (Online registration of house) की व्यवस्था लागू करने के लिए प्रारूप तैयार करा रही है। इसके लिए आवास आयुक्त (Housing commissioner) की अध्यक्षता में कमेटी बना दी गई है। कमेटी पूरे प्रदेश के लिए रजिस्ट्री का एक प्रारूप तैयार कराएगी। आनलाइन नक्शा (Online map) पास करने की सुविधा देने के बाद अब शासन आनलाइन रजिस्ट्री (Online registry) की सुविधा देने जा रहा है। आनलाइन रजिस्ट्री का प्रारूप केवल आवास विकास परिषद व विकास प्राधिकरणों (Development council and development authorities) की सम्पत्तियों की रजिस्ट्री के लिए तैयार कराया जाएगा। यह प्रारूप ऐसा होगा जो लखनऊ, गाजियाबाद, नोएडा, वाराणसी, कानपुर व इलाहाबाद सहित प्रदेश के प्रदेश के सभी विकास प्राधिकरणों व आवास विकास में चलेगा। आवास आयुक्त अजय चौहान की अध्यक्षता में बनी कमेटी में आवास बंधु के निदेशक के अलावा आवास विकास व एलडीए (Housing Development & Lda) के एक सम्पत्ति अधिकारी व विधि अधिकारी को शामिल किया गया है। कमेटी को चार सप्ताह में प्रारूप तैयार कराकर शासन को उपलब्ध कराना है। आनलाइन रजिस्ट्री का साफ्टवेयर तैयार कराने की जिम्मेदारी उद्योग बंधु को दी गयी है। उद्योग बंधु ने साफ्टवेयर का काफी काम कर लिया है। अगले तीन महीने के भीतर इस सुविधा के शुरू होने की उम्मीद है। मामले में एलडीए के सचिव एम पी सिंह का कहना है कि ऑनलाइन रजिस्ट्री के लिए कमेटी बना दी गयी है। इसकी सुविधा शुरू होने के बाद किसी को रजिस्ट्री के लिए प्राधिकरण नहीं आना होगा।
ऐसे होगी ऑनलाइन रजिस्ट्री
- सम्पत्ति का पूरा पैसा ऑनलाइन जमा करने के बाद आवंटी रजिस्ट्री के लिए आवेदन कर सकेगा।
- विकास प्राधिकरण की साइट पर इसके लिए लिंक मिलेगा
- इस पर क्लिक कर लोगों को अपनी सम्पत्ति का नम्बर, नाम व पंजीकरण भरना होगा
- फिर जैसे ही लोग रजिस्ट्री के विकल्प पर क्लिक करेंगे पूरी डीड का प्रारूप आ जाएगा
- स्टाम्प शुल्क भी स्वत: ही कैलकुलेट होकर सामने आ जाएगा
- स्टाम्प शुल्क जमा होते ही यह अपरूवल के लिए पहुंच जाएगा
- निर्धारित समय के भीतर अपरूवल न होने पर स्वत: हो जाएगा
- आखिर में एक बार रजिस्ट्रार कार्यालय में लोगों को हस्ताक्षर व फोटो खिंचवाने के लिए जाना होगा
- हस्ताक्षर अंगूठा लगाते ही रजिस्ट्री हो जाएगी