लखनऊ आशियाना में पति ने पार की क्रूरता की सारी हद। पत्नी पर बनाया वाइफ स्वैपिंग का दबाव जब पत्नी ने विरोध किया तो जानवरों की तरह पीटा , और गैर औरतों के साथ पत्नी के सामने ही बनाएं संबंध। आशियाना पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर शुरू की जांच।
आशियाना में एक शख्स ने पत्नी की चुपके से आपत्तिजनक वीडियो और फोटो बनाकर दोस्तों को भेज दी, फिर पत्नी पर पार्टनर बदलने का दबाव बनाया। विरोध पर आरोपित ने पत्नी की बेरहमी से पिटाई कर आरोपित ने गैर औरतों के साथ पत्नी के सामने संबंध बनाने लगा। यहीं, नहीं आरोपी ने वाइफ स्वैपिंग यानी दोस्तों के साथ पत्नी बदलकर बेडरूम शेयर करने नया ट्रेड बताकर शादीशुदा जोड़ों को घर बुलाने लगा और दोस्तों के साथ जबरन बेडरूम शेयर करने का पीड़िता पर दबाव बनाया। पति की अश्लील मानसिकता से परेशान होकर महिला ने आशियाना थाने में मुकदमा दर्ज कराया हैं।
आशियाना के सेक्टर- एम निवासी 40 वर्षीय महिला के मुताबिक वर्ष 2008 में उसकी शादी बनारस में आरोपी के साथ हुई थी। शादी के कुछ दिन बाद महिला के पति, सास और ससुर का व्यवहार उग्र हो गया। आरोप है कि उसे दहेज के लिए प्रताड़ित किए जाने लगा। उसे कई बार खाना भी नहीं दिया गया। महिला के अनुसार उसने विवाह बचाने के लिए सब सहन करती गयी। कुछ समय बाद उसने बेटी को जन्म दिया। इसके बाद उसके पति व्यवहार बदल गया। वर्ष 2014 से पीड़िता पति के साथ रहने लगी। पीड़ित महिला के मुताबिक उसके पति उसकी चोरी-छिपे आपत्तिजनक वीडियो और फोटो बनाकर अपने दोस्तों के पास भेजने लगा।
महिला का कहना है कि उसका पति बहुत अश्लील मानसिकता का है। वह सभी मर्यादाओं को तार-तार करते हुए कुछ महिलाओं को घर पर बुलाना शुरू कर दिया और उसके ही सामने संबंध बनाने लगा। विरोध करने पर आरोपित पति जानवरों की तरह बेरहमी से पिटाई भी करता था। आरोप है कि उसके पति शादी शुदा जोड़ों को घर बुलाने के बाद पार्टनर बदलने के लिए (वाइफ स्वैपिंग) का दबाव बनाने लगा। मना करने पर मारपीट कर जान से मारने की धमकी दी।
पति की मानसिकता से परेशान होकर महिला ने आशियाना थाने में मुकदमा दर्ज कराया हैं। इंस्पेक्टर छत्रपाल सिंह ने बताया कि दोनों के बीच आपसी विवाद है। मिडिएशन फेल होने के बाद महिला ने पति, सास और ससुर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। उनका कहना है कि मामले की जांच की जा रही हैं।
मिडिएशन कोर्ट की हियरिंग (Hearing) के बजाय कोर्ट के बाहर किया जाने वाला सेटलमेंट होता है। जो मिडिएशन कोर्ट केस के मुकाबले कम खर्चे में और जल्दी होने वाली एक प्रक्रिया है जहां पर दोनों तरफ के लोगों की आपस में बात होती है और मीडिएटर के माध्यम से उनके डिस्प्यूट (dispute) का सेटलमेंट कराया जाता है। इस कार्यवाही को गोपनीय रखी जाती है और लिखित सहमति के बिना के बिना कोई जानकारी नहीं दी जा सकती।