
लखनऊ. IAS अनूप चंद्र पांडेय ने यूपी के नए मुख्य सचिव का पद संभाल लिया है। राजधानी में एनेक्सी पहुंचकर उन्होंने अपना कार्यभार ग्रहण किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि यूपी में हमारे पास ब्यूरोक्रेसी की अच्छी टीम है। नए उद्योग और रोजगार बढ़ाने के विषय में विशेष प्रयास करेंगे। उन्होंने आगे कहा कि किसानों की आय बढ़े, उन्हें फसल का उचित मूल्य मिले इस दिशा में काम किया जाएगा। उन्होंने आगे कहा कि यूपी में निवेश बढ़ें, युवाओं को रोजगार मिले, किसानों को भुगतान मिले, उनकी आय बढ़ें इसके लिए हम पूरा प्रयास करेंगे। सरकारी कर्मचारियों की समस्या है, उसके लिए मैं उनसे खुद मिलूंगा और उनकी समस्या का समाधान करूंगा।
अनूप चंद्र पांडेय 1984 बैच के वरिष्ठ IAS अधिकारी है जिन्होंन आज रिटायर हो रहे मुख्य सचिव राजीव कुमार की जगह ले ली है। 1981 बैच के IAS राजीव कुमार के रिटायर होने के पहले ही बुधवार को यूपी सरकार की ओर से अनूप चंद्र पाण्डेय को मुख्य सचिव बनाने की घोषणा कर दी गई थी। अनूप पर कई महत्वपूर्ण विभागों का दायित्व हैं। वो अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त के पद पर तैनात हैं। वहीं वे विभाग के प्रमुख सचिव, ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी के चेयरमैन भी रहे चुके हैं।
लोकसभा चुनाव के चलते बढ़ाया जा सकता है कार्यकाल-
वो अगले आदेश तक मुख्य सचिव की नई जिम्मेदारी संभालने के साथ मौजूदा पदों पर भी बने रहेंगे। कहा जा रहा है कि वह इस पद पर फरवरी 2019 तक बने रहेंगे। हालांकि फरवरी 2019 में उनकी सेवानिवृत्ति है, लेकिन 2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव के चलते उनके कार्यकाल को बढ़ाया जा सकता है।
सीएम योगी के हैं बेहद करीबी-
अनूप चंद्र पांडेय सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के भरोसेमंद अधिकारियों में व उनके करीबी माना जाता है। अनूप चंद्र पांडेय को किसान कर्ज माफी योजना और यूपी इन्वेस्टर्स समिट आयोजित करने में अहम भूमिका निभाने के लिए भी जाना जाता हैै। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, कई ऐसे अधिकारी हैं जो 1982, 1983 बैच के हैं, लेकिन उनको नजरअंदाज किया गया। कहा जा रहा है कि नए सचिव के चुनाव के लिए प्रवीण कुमार, चंद्रप्रकाश और संजय अग्रवाल भी रेस में थे, लेकिन अपनी छवि के आधार पर इन सभी को पीछे छोड़ते हुए अनूप चंद्र पाण्डेय उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव चुने गए।