
CM Yogi Adityanath
वाराणसी.सीएम योगी आदित्यनाथ सरकार में भी पीएम नरेन्द्र मोदी का संसदीय क्षेत्र बनारस साफ नहीं हो पाया है। सफाई के लिए करोड़ों रुपये खर्च किये जा रहे हैं इसके बाद भी शहर को पूरी तरह स्वच्छ नहीं किया जा सकता है। बनारस आये सीएम योगी ने सफाई व्यवस्था पर नाराजगी जताते हुए कहा कि विशेष अभियान चला कर शहर को साफ किया जाये। साथ ही सभी अधिकारियों की जिम्मेदारी तय हो, जिससे गंदगी मिलने पर उनके खिलाफ कार्रवाई की जा सके।
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पीएम नरेन्द्र मोदी ने बनारस से ही देश में स्वच्छता मिशन का आगाज किया था इसके बाद शहर को साफ करने के लिए कई योजना चलायी जा रही है इसके बाद भी सफाई व्यवस्था पूरी तरह ठीक नहीं हो पायी है। केन्द्र सरकार ने सफाई के लिए बनारस को काफी बजट दिया है इसके बाद भी बहुत अधिक परिवर्तन नहीं हो पाया है। सड़क पर बिखरा हुआ कूड़ा आपको दिख जायेगा। पीएम नरेन्द्र मोदी खुद १४ जुलाई को अपने संसदीय क्षेत्र में आ सकते हैं ऐसे में यूपी सरकार की मंशा है कि पीएम के आगमन के पहले ही सारी व्यवस्था ठीक कर ली जाये।
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अधिकारियों की उदासीनता पड़ रही व्यवस्था पर भारी
अधिकारियों की उदासीनता व्यवस्था पर भारी पड़ रही है। अधिकारी लगातार सफाई व्यवस्था को औचक निरीक्षण करते तो सारी सच्चाई सामने आ जाती। पूर्व में नगर विकास मंत्री सुरेश खन्ना ने बनारस की सफाई व्यवस्था को हाल जाना था तो कई लोगों पर गाज गिरी थी। इसके बाद भी जिला व नगर निगम प्रशासन मुस्तैद नहीं हुआ है। ऐसे में सीएम योगी की चेतावनी बहुत मायने रखती है। पीएम मोदी के आगमन के दौरान सफाई व्यवस्था खराब मिली तो कई अधिकारियों पर गाज गिर सकती है। कमिश्नर ने शहर को पॉलिथीन से मुक्त करने का संकल्प लिया है लेकिन अभी तक इसको लेकर बड़ा अभियान तक नहीं चलाया गया है। इससे समझा जा सकता है कि सफाई को लेकर जिला प्रशासन कितना गंभीर है।
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Published on:
30 Jun 2018, 4:34 PM IST
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