लखनऊ

‘ज्ञानेश कुमार जेल जाएंगे, CEC के खिलाफ पक्के सबूत’; इमरान मसूद बोले- वोट क्यों डिलीट किए, सुप्रीम कोर्ट में देना होगा जवाब

Chief Election Commissioner: कांग्रेस नेता इमरान मसूद ने CEC ज्ञानेश कुमार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि कुमार के खिलाफ पक्के सबूत हैं और वोट डिलीट करने के मामले में उन्हें सुप्रीम कोर्ट में जवाब देना होगा। मसूद ने इसे लोकतंत्र के खिलाफ साजिश बताया।
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Updated: 30 Oct 2026, 12:19 PM IST
Imran Masood Statement, SP Congress Alliance,
कांग्रेस सांसद इमरान मसूद (फोटो - एएनआई)

Uttar Pradesh News: दिल्ली में उत्तर प्रदेश कांग्रेस के वर्किंग प्रेसिडेंट इमरान मसूद ने चीफ इलेक्शन कमिश्नर (CEC) ज्ञानेश कुमार पर लगे आरोपों को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने जो कहा है, उसके मुताबिक ज्ञानेश कुमार जेल जाएंगे। मसूद ने दावा किया कि ज्ञानेश कुमार के खिलाफ पक्के सबूत हैं और अभी यह सिर्फ शुरुआत है। उन्होंने आरोप लगाया कि लोकतंत्र को खत्म करने की साजिश रची गई है, जो देशद्रोह के बराबर है। मसूद ने सवाल उठाया कि फॉर्म-6 के जरिए वोट क्यों डिलीट किए गए? उन्होंने कहा कि ज्ञानेश कुमार को सुप्रीम कोर्ट में इन सवालों के जवाब देने होंगे और अपने दिए गए हलफनामे के बारे में भी बताना होगा।

दिल्ली में युवा करेंगे संसद की कार्यवाही, SIR और EVM पर भी होगी बहस

देश के मौजूदा राजनीतिक और संवैधानिक मुद्दों पर चर्चा के लिए 30 अक्टूबर को नई दिल्ली में मॉक पार्लियामेंट आयोजित की जाएगी। 'सिटिजन्स फॉर डेमोक्रेसी' की ओर से NDMC कन्वेंशन सेंटर में इस कार्यक्रम की शुरुआत होगी। इसका विषय 'लोकतंत्र बनाम अराजकता' रखा गया है। इस आयोजन में देश के अलग-अलग हिस्सों से आए युवा हिस्सा लेंगे। वे संसद की तरह सत्ता पक्ष और विपक्ष की भूमिका निभाएंगे। प्रतिभागी प्रमुख राजनीतिक नेताओं का किरदार निभाते हुए हाल के घटनाक्रमों और देश के सामने मौजूद लोकतांत्रिक चुनौतियों पर अपनी बात रखेंगे।

चुनाव आयोग से लेकर संसदीय मर्यादा तक पर उठेंगे सवाल

कार्यक्रम में चुनावी प्रक्रिया और लोकतांत्रिक संस्थाओं से जुड़े कई मुद्दों पर चर्चा होगी। इसमें मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR), इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM), चुनाव आयोग की भूमिका और 'वोट चोरी' के आरोप शामिल हैं। इसके अलावा लोकतांत्रिक संस्थाओं की स्वतंत्रता और उनकी विश्वसनीयता, संसद में मर्यादा बनाए रखने, राजनीतिक नेताओं की जवाबदेही और चुनाव में पारदर्शिता जैसे विषय भी बहस का हिस्सा होंगे। विरोध-प्रदर्शन का लोकतंत्र में क्या महत्व है और असहमति तथा अराजकता के बीच क्या अंतर है, इस पर भी युवा अपनी बात रखेंगे।

मॉक पार्लियामेंट को लेकर गिरिराज सिंह ने कांग्रेस पर साधा निशाना

दूसरी ओर, कांग्रेस और विपक्षी दलों की ओर से प्रस्तावित मॉक पार्लियामेंट को लेकर केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने सवाल उठाए हैं। उन्होंने इस आयोजन को नौटंकी बताते हुए कहा कि कांग्रेस और राहुल गांधी भ्रम फैलाकर देश में अराजकता का माहौल बनाना चाहते हैं। मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर होने वाले इस कार्यक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए गिरिराज सिंह ने पूछा कि विपक्ष मॉक पार्लियामेंट करके आखिर क्या साबित करना चाहता है। उन्होंने त्रिपुरा में ग्राम सभा चुनावों और असम में विपक्ष की चुनावी स्थिति का जिक्र करते हुए भी सवाल उठाए।

बैलेट पेपर की मांग पर भी कांग्रेस को घेरा

गिरिराज सिंह ने आरोप लगाया कि कांग्रेस चुनावी नतीजों पर बात करने के बजाय दूसरे मुद्दों के जरिए लोगों का ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है। उनके मुताबिक, राहुल गांधी और कांग्रेस देश में भ्रम फैलाना चाहते हैं और उनका मकसद अराजकता पैदा करना है। बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग और इसी तरीके से हुए MLC चुनावों पर उठ रहे सवालों को लेकर भी केंद्रीय मंत्री ने कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि विपक्ष जनता के बीच घटते समर्थन और अपनी नाकामियों से ध्यान हटाने की कोशिश कर रहा है। कर्नाटक का उदाहरण देते हुए गिरिराज सिंह ने कहा कि अगर जनता कांग्रेस से नाराज होती, तो बैलेट पेपर से हुए चुनाव के जरिए कांग्रेस की सरकार सत्ता में नहीं आती।

Updated on:
30 Oct 2026, 12:19 PM IST
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