होली की छुट्टियाँ आने वाली हैं जिसके चलते बहुत से लोग छुट्टियों में यात्रा करने वाले हैं। लेकिन इस बीच रेलवे ने यात्रा को लेकर कुछ कठोर नियम बना दिये हैं। अगर आप भी जल्द ही ट्रेन से कोई यात्रा करने वाले हैं तो आपको भी इन नियमों को ज़रूर पढ़ लेना चाहिए वरना सफर के दौरान आपको दिक्कत का सामना करना पड़ सकता है।
Indian Railways New Rules: होली (Holi 2022) का त्यौहार आने वाला है। ऐसे में ज्यादातर लोग छुट्टियों पर घर जाने की तैयारी में लगें हैं। अगर आप जल्द ही ट्रेन से कोई यात्रा करने वाले हैं या अक्सर आप ट्रेन से यात्रा करते हैं तो ये खबर आपके काम की है। दरअसल रेलवे यात्रियों की सहूलियतों को देखते हुए अक्सर नियम बनाता रहता है। इसके पहले रेलवे ने कोरोना को लेकर नयी गाइडलाइन जारी की थी। लेकिन अब रेलवे ने यात्रियों की नींद में कोई ख़लल न पड़े और वो यात्रा के दौरान चैन से नींद ले सकें इसके लिए नियम बनाया है। इस नये नियम के बारे में आपको जान लेना बेहद ज़रूरी है वरना आपको भी दिक्कत हो सकती है। तो चलिए आपको बताते हैं कि नींद को लेकर रेलवे ने क्या नियम बनाये हैं।
भारतीय रेलवे ने सोने यानि नींद को लेकर नए नियम लागू किए हैं। इस नये नियम के मुताबिक अब आपकी सीट, कंपार्टमेंट या कोच में कोई भी पैसेंजर तेज आवाज में मोबाइल पर बात नहीं कर सकता और न ही वह ऊंची आवाज में गाने सुन सकता है। दरअसल यात्रियों द्वारा की गयी इस तरह की कई शिकायतों के बाद रेलवे ने यह नियम बनाया। अब इससे किसी यात्री की नींद में कोई ख़लल नहीं पड़ेगा। इतना ही नहीं अगर को इन नियमों की अवहेलना करता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई का भी प्रावधान है। यानि अब आप ट्रेन में चैन की नींद सो सकते हैं।
रेलवे के सभी जोन में तत्काल प्रभाव से नियम लागू
रेलवे मंत्रालय ने रेलवे के सभी जोन्स को यह आदेश जारी कर दिया गया है कि इन नियमों को तत्काल प्रभाव से लागू किया जाए। आपको बता दें कि इन नये नियमों के मुताबिक अगर कोई यात्री शिकायत करता है तो उसका समाधान करने की जिम्मेदारी ट्रेन में मौजूद स्टाफ की होगी।
लाइट जलाने को भी लेकर होता है विवाद
मोबाइल पर गाने सुनने के अलावा कई शिकायतें ऐसी भी रेलवे को मिली थीं कि लोग ग्रुप में बैठकर ऊंची आवाज में बातें करते हैं और हंसी मजाक करते हैं। वहीं इसके अलावा लाइट जलाने और बुझाने को लेकर भी कई बार विवाद हुआ है। इसी के चलते रेल मंत्रालय ने ये नये नियम बनाए हैं।