
लखनऊ. सरकार ने करोड़ों पेंशनभोगियों को राहत दी है। अब जीवन प्रमाण पत्र देने के लिए पेंशनभोगी फेस रिकग्निशन तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। यह न केवल करोड़ों पेंशनर्स के जीवन को आसानी बनाएगी बल्कि इससे ईपीएफओ और प्रदेश सरकार के पेंशनभोगियों को भी सुविधा होगी। इसी के साथ जीवन प्रमाण पत्र यानी कि लाइफ सर्टिफिकेट जमा करने की अंतिम तिथि 28 फरवरी, 2022 तक बढ़ा दी गई है। इससे पहले प्रमाण पत्र जमा करने की तिथि 31 दिसंबर, 2021 थी। दरअसल, जीवन प्रमाण पत्र के आधार पर पेंशनभोगियों को आगे की पेंशन जारी की जाती है। अब सरकार ने फेस रिकॉग्निशन तकनीक को प्रमाण पत्र के लिए शुरू करने का फैसला किया है। इससे सिर्फ अपना चेहरा दिखाकर कोई भी पेंशन धारक आगामी पेंशन के लिए आवेदन कर सकता है। लाइफ सर्टिफिकेट देने की यह फेस रिकग्निशन तकनीक एक ऐतिहासिक और दूरगामी सुधार है।
फायदेमंद है यह तकनीक
इस तकनीक को केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने लॉन्च किया है। यह सुविधा उन वरिष्ठ नागरिक पेंशनभोगियों के लिए उपयोगी होगी जो अपनी उंगलियों के निशान बायोमेट्रिक आईडी के रूप में जमा नहीं कर सकते। नई तकनीक से वह यूआईडीएआई आधार सॉफ्टवेयर पर आधारित फेस रिकग्निशन सर्विस के माध्यम से डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट जमा कर सकेंगे। फेस रिकग्निशन तकनीक के उपयोग से पेंशनभोगी या पारिवारिक पेंशनभोगी की पहचान निर्धारित की जाएगी। फिलहाल, डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट ऑनलाइन स्टोर किया जाता है।
रजिस्टर्ड आधार नंबर जरूरी
फेस आईडी के इस्तेमाल के लिए पेंशनभोगी के पास स्मार्ट फोन और इंटरनेट कनेक्शन के साथ ही पेंशन डिसबर्सिंग अथॉरिटी के पास रजिस्टर्ड आधार नंबर और पांच मेगापिक्सल या इससे ज्यादा रिज़ोल्यूशन वाला कैमरा होना चाहिए। तकनीक का इस्तेमाल उत्तर प्रदेश सहित देश के सभी नागरिक कर सकते हैं।
फेस आईडी इस्तेमाल करने के लिए
- गूगल प्ले स्टोर से आधार फेस आईडी ऐप डाउनलोड करें।
- इसके बाद जीवन https://jeewanpramaaan.gov.in/ की वेबसाइट पर उपयुक्त ऑथोराइडेशन उपलब्ध कराएं।
- ऑथेंटिकेशन प्रोसेस को पूरा करने के बाद ऑपरेटर यानी कि पेंशनभोगी के चेहरे को स्कैन किया जाएगा।
- डिवाइस अब डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट और पेंशनभोगी ऑथेंटिकेशन के लिए तैयार है।
- इसके बाद पेंशनर्स की जानकारी भरनी होगी।
- लाइफ सर्टिफिकेट के लिए पेंशनर्स का लाइव फोटो स्कैन किया जाएगा।