
पत्रिका न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ ( Lucknow ) आंगनबाड़ी की नियुक्तियों में अपना भविष्य तलाश रहे लोगों के लिए निराश कर देने वाली खबर है। आंगनवाड़ी ( anganwadi ) विभाग में कार्यकत्रियों और सेविकाओं की 53 हजार नियुक्तियों पर ब्रेक लग गया है। नियुक्तियों का मामला फिलहाल आरक्षण में फंस गया है। अभी तक इस मामले में करीब डेढ़ दर्जन जिले आवेदन प्राप्त कर चुके हैं बाकी सभी जिले अभी आरक्षण की स्थिति साफ होने का इंतजार कर रहे हैं।
दरअसल इन नियुक्तियों को लेकर शासन ने जो प्रस्ताव भेजा है उसमें आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के आरक्षण को लेकर कोई प्रावधान नहीं किया गया। कई जिलों में एसटी के आवेदन खाली रह गए हैं। अब उन खाली आवेदनों में किसे जगह दी जाए यह सवाल खड़ा हो गया है। इस कारण आरक्षण की स्थिति साफ ना होने की वजह से फिलहाल यह नियुक्तियां अटक गई हैं। 17 जिले आवेदन ले चुके हैं लेकिन अन्य जिलों ने अब शासन से पत्राचार करके पूछा है कि अधिकांश जिलों में एसटी वर्ग के लोग नहीं हैं लेकिन जो आदेश शासन की ओर से जारी हुआ है उसमें एसटी की जनसंख्या ना होने पर इन पदों को एससी से भरे जाने के बारे में कोई निर्देश नहीं दिए गए हैं। ऐसे में आरक्षण की स्थिति साफ नहीं हो सकी है।
पत्राचार में कहा गया है कि इतना लंबा समय बीत जाने के कारण इन्हें नियुक्तियों में आरक्षण तय करने में भी परेशानी आ रही है। अब इस समस्या के बाद यह पूरा मामला निदेशालय ने जिलों पर डाल दिया है। दरअसल इससे पहले निदेशालय ने एक बार रिक्तियों की संख्या और आरक्षण तय करने की कवायद की थी लेकिन उस समय ब्यौरा नहीं मिल सका था। अब निदेशालय ने यह पूरा मामला जिलों के पल्ले में डाल दिया है। आरक्षण तय करने के इसी फेर में अब नियुक्तियों का मामला फिलहाल रुक गया है यानि प्रक्रिया पर ब्रेक लग गई है।
इन जिलों से जारी हो चुका है नियुक्तियों का विज्ञापन
फिलहाल इस मामले में आजमगढ़, गाजियाबाद, जौनपुर, लखनऊ, कन्नौज, ललितपुर, प्रतापगढ़, प्रयागराज, संभल, सीतापुर, सुल्तानपुर, वाराणसी, सोनभद्र, हाथरस, अलीगढ़, सहारनपुर और रामपुर से विज्ञापन जारी हो चुके हैं। यह सभी जिले आवेदन पत्र ले चुके हैं लेकिन अब दूसरे जिलों के पत्राचार के बाद यह मामला एक बार फिर से अटक गया है।