
Karwa Chauth 2026 Holiday: करवा चौथ के अवसर पर उत्तर प्रदेश की महिला संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों सहित सभी पात्र महिला कर्मचारियों को एक दिन का अवकाश देने की मांग उठाई गई है। उत्तर प्रदेश टीबी कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष करुणा शंकर मिश्र ने इस संबंध में मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री को पत्र भेजकर आवश्यक आदेश जारी करने का अनुरोध किया है। उन्होंने कहा कि करवा चौथ महिलाओं के लिए धार्मिक आस्था और पारिवारिक परंपरा से जुड़ा महत्वपूर्ण पर्व है। ऐसे में महिला कर्मचारियों की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए उन्हें अवकाश की सुविधा प्रदान करने पर विचार किया जाना चाहिए।
करुणा शंकर मिश्र ने अपने पत्र में महिला संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों की स्थिति का उल्लेख करते हुए कहा कि करवा चौथ के दिन बड़ी संख्या में महिलाएं अपने पति की दीर्घायु और सुख-समृद्धि की कामना के लिए व्रत रखती हैं। इस दौरान कई महिलाएं निर्जल उपवास भी करती हैं। ऐसे में पूरे दिन नियमित ड्यूटी करना कुछ कर्मचारियों के लिए शारीरिक रूप से कठिन हो सकता है। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि महिला कर्मचारियों की धार्मिक भावनाओं और स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों को ध्यान में रखकर अवकाश देने के विषय में सकारात्मक निर्णय लिया जाए।
करवा चौथ पर व्रत रखने वाली महिलाएं सुबह से लेकर चंद्रोदय तक भोजन और पानी का सेवन नहीं करती हैं। स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत कर्मचारियों की जिम्मेदारियां कई बार व्यस्त और चुनौतीपूर्ण होती हैं। ऐसे में निर्जल व्रत के दौरान लंबे समय तक ड्यूटी करना थकान या असहजता का कारण बन सकता है। संघ के प्रदेश अध्यक्ष ने इसी परिस्थिति का उल्लेख करते हुए कहा कि महिला कर्मचारियों को पर्व के अवसर पर राहत देने के लिए सरकार को उचित कदम उठाने चाहिए।
हालांकि, स्वास्थ्य सेवाएं आवश्यक सेवाओं में शामिल हैं, इसलिए किसी भी प्रकार के अवकाश संबंधी निर्णय में मरीजों की देखभाल और अस्पतालों एवं स्वास्थ्य केंद्रों के नियमित संचालन को भी ध्यान में रखना जरूरी होगा। इस लिहाज से अवकाश की व्यवस्था बनाते समय कर्मचारियों की जरूरतों के साथ स्वास्थ्य सेवाओं की निरंतरता बनाए रखने पर भी विचार किया जा सकता है।
करुणा शंकर मिश्र ने अपने अनुरोध में महिला कर्मचारियों की धार्मिक आस्था, स्वास्थ्य और मानवीय संवेदनाओं को प्रमुखता दी है। उनका कहना है कि करवा चौथ जैसे पारंपरिक पर्व पर महिलाओं को अपने परिवार और धार्मिक रीति-रिवाजों के लिए समय मिलना चाहिए। उन्होंने मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री से मांग की है कि इस विषय पर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर पात्र महिला कर्मचारियों को एक दिन का अवकाश देने पर विचार किया जाए।
यह मांग विशेष रूप से संविदा पर कार्यरत महिला स्वास्थ्य कर्मचारियों के लिए महत्वपूर्ण है, जो स्वास्थ्य सेवाओं में अपनी जिम्मेदारियां निभाती हैं। अवकाश को लेकर स्पष्ट आदेश जारी होने से कर्मचारियों को अपनी ड्यूटी और पर्व से जुड़ी तैयारियों की योजना बनाने में मदद मिल सकती है।
उत्तर प्रदेश टीबी कर्मचारी संघ की ओर से उठाई गई इस मांग के बाद अब संबंधित सरकारी निर्णय पर नजर रहेगी। फिलहाल उपलब्ध जानकारी के अनुसार, करुणा शंकर मिश्र ने मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री को पत्र भेजकर अवकाश की मांग की है। इस संबंध में सरकार की ओर से किसी आदेश या स्वीकृति की पुष्टि उपलब्ध नहीं है।
महिला कर्मचारियों को करवा चौथ पर अवकाश देने का निर्णय यदि लिया जाता है, तो उसके दायरे, पात्रता और लागू होने की शर्तों को स्पष्ट करना महत्वपूर्ण होगा। इससे कर्मचारियों को नियमों की जानकारी मिलेगी और विभागीय स्तर पर भ्रम की स्थिति से बचा जा सकेगा। फिलहाल संघ ने महिला संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों सहित समस्त पात्र महिला कर्मचारियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सरकार से मांग पर विचार करने का आग्रह किया है।