
UP Politics News: ईवीएम और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर विपक्ष लगातार सत्ता पक्ष पर हावी होता है नजर आ रहा है। इसी बीच उत्तर प्रदेश के उप-मुख्यमंत्री केशव मौर्य ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव और कांग्रेस नेता राहुल गांधी से सवाल पूछा है। उन्होंने कहा, '2004 और 2009 के लोकसभा चुनाव में केंद्र में कांग्रेस को बहुमत मिला था, उस समय ईवीएम और चुनाव आयोग गलत थे?' उन्होंने विपक्ष पर आरोप लगाया है कि विपक्ष चुनाव नहीं जीत पता तो वह ईवीएम और चुनाव आयोग का रोना-धोना शुरू कर देता है।
उत्तर प्रदेश के उप-मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने विपक्ष द्वारा ईवीएम और चुनाव आयोग पर लगाए जा रहे आरोपों पर विपक्ष को कटघरे में खड़ा करते हुए सवाल पूछा है। उन्होंने कहा कि जब भी विपक्ष जीतता है तो उसे ईवीएम सही क्यों लगता है। इसके साथ ही चुनाव आयोग भी उन्हें सही लगता है, लेकिन जैसे ही सत्ता पक्ष जीतता है, ईवीएम और चुनाव आयोग दोनों ही कटघरे में खड़े कर दिए जाते हैं। केशव मौर्य ने कहा कि समाजवादी पार्टी और कांग्रेस का जनाधार देश और उत्तर प्रदेश से खत्म होते जा रहा है। उन्होंने कहा कि जहां वे चुनाव जीते हैं, वहां सब सही है और जहां हारे हैं, सब गलत। यह 'मीठा-मीठा गप, तीखा तीखा थू' वाली राजनीति है।
केशव मौर्य ने कहा कि समाजवादी पार्टी और कांग्रेस सहित विपक्ष के दलों ने और उनकी सरकारों ने अपने शासनकाल में उत्तर प्रदेश को विकास के बजाय अव्यवस्था, परिवारवाद और पिछड़ेपन की ओर धकेल दिया है। अब यही दल सत्ता में लौट के सपने देख रहे हैं, लेकिन जनता उनके पुराने कार्यकाल और वर्तमान में राजनीतिक रवैया को अच्छी तरह से समझ गई है। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी भी बीजेपी की विरोधी है और इंडी गठबंधन भी विरोधी है, वे एक साथ आए या अलग-अलग चुनाव लड़ें, बीजेपी का विजय रथ अब रुकने वाला नहीं है। केशव मौर्य ने कहा कि 2027 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी तीसरी बार सरकार बनाने जा रही है और जनता बीजेपी को आशीर्वाद दे रही है।
उप-मुख्यमंत्री ने कहा कि सपा का पीडीए वाला जो रथ है, वह फर्जी है। असली पीडीए यानि पिछड़े, दलित और वंचित समाज के हित में काम बीजेपी की डबल इंजन सरकार ने ही किया है। उन्होंने कहा कि बीजेपी की सरकार ने गरीब, किसान, महिला, युवा और समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को विकास की मुख्य धारा से जोड़ने का काम किया। मौर्य के मुताबिक, उत्तर प्रदेश की जनता पूर्व की सरकारों का वह दौर नहीं चाहती, जिसने प्रदेश को गर्त में पहुंचा दिया था। बीजेपी विकास, सुशासन और जनकल्याण के संकल्प के साथ आगे बढ़ रही है और 2027 का विधानसभा चुनाव जीतकर हैट्रिक लगाएगी।