
दिल और सांस की सेहत के अलावा, हमें हमारी किडनी की रक्षा करना भी जरूरी है। सही जीवन शैली के साथ, डायबिटीज और ब्लड प्रेशर जैसी समस्याओं का प्रबंधन करके आप किडनी की बीमारी के खतरे को कम कर सकते हैं। किसी भी अन्य साइलेंट किलर बीमारी की तरह, किडनी खराब होने के लक्षण को शुरुआत में जान पाना मुश्किल होता है। ये बातें होप डेंटल हॉस्पिटल की डायरेक्टर डॉ. हिमांगी दुबे ने कही।
किडनी की परेशानी से यूरिया जमा होता है
मुंह से किडनी में गड़बड़ी के संकेत- उन्होंने बताया कि,सांसों की दुर्गंध किडनी की समस्या का संकेत हो सकती है। यह, शरीर में यूरिया के अधिक निर्माण के कारण होती है। किडनी की समस्या के कारण शरीर में यूरिया जमा हो जाता है। शरीर में अतिरिक्त यूरिया आपकी सांस और स्वाद को प्रभावित कर सकता है। यदि आपको किडनी की समस्या है, तो आपका शरीर खनिजों को बाहर निकालने की क्षमता खो देता है। समय के साथ, इन खनिजों का लेवल ब्लड फ्लो में बढ़ने के कारण बदबूदार सांस को बढ़ावा मिलता है।
शुगर बढ़ने पर मुंह से बदबू और मसूड़ों से खून की समस्या
डायबिटीज से सिर्फ आपके ऑर्गेन पर ही नहीं, बल्कि ओरल हेल्थ पर भी बुरा असर पड़ता है। ऐसा इस वजह से क्योंकि हाई शुगर लेवल व्हाइट ब्लड सेल्स को कमजोर करता है, जो मुंह में होने वाले बैक्टीरियल इंफेक्शन के खिलाफ शरीर को प्रोटेक्ट करने का काम करता है। यही वजह है कि अधिकतर डायबिटीज पेशेंट्स को ओरल प्रॉब्लम्स का सामना करना पड़ता है। शुगर बढ़ने पर मुंह से बदबू और मसूड़ों से खून की समस्या सामान्यत: देखी गयी है। डायबिटीज पेशेंट ओरल सर्जरी या अन्य डेंटल प्रोसीजर के बाद भी जल्दी ठीक नहीं होते हैं, क्योंकि डायबिटीज की वजह से प्रभावित जगह पर ब्लड फ्लो आसानी से नहीं हो पाता, इस वजह से वो डैमेज हो जाता है।
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किडनी डिजीज में ऐसे रखें ओरल हाइजीन का ख्याल
1-किडनी के पेशेंट साल में कम से कम दो बार अपने दांतों की सफाई और जांच कराएं ,दिन में एक बार डेंटल फ्लॉस का उपयोग ,करके दांतों पर प्लाक को बनने न दें, हर मील के बाद दांतों को ब्रश करें,यदि डेंचर का प्रयोग करते हैं ,तो उन्हें रोजाना साफ करें, धूम्रपान करने से बचें।