About Former BSP MLC Haji Iqbal: BSP का पूर्व MLC हाजी इकबाल को भगौड़ा आर्थिक अपराधी घोषित किया गया है। जानिए हाजी इकबाल के बारे में।
About Former BSP MLC Haji Iqbal: प्रवर्तन निदेशालय (ED) की याचिका पर विशेष अदालत ने BSP के पूर्व MLC मोहम्मद इकबाल उर्फ हाजी इकबाल को भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित कर दिया है। वह पिछले 4 वर्षों से फरार चल रहे थे। मामले की सुनवाई कर रहे न्यायाधीश राहुल प्रकाश ने यह आदेश जारी किया।
अदालत ने अपने आदेश में आरोपी की 3 प्रमुख चीनी मिलों—डायनमिक शुगर्स प्राइवेट लिमिटेड, हनीवेल शुगर्स प्राइवेट लिमिटेड और मेलो इंफ्राटेक प्राइवेट लिमिटेड को जब्त करने के निर्देश दिए हैं। इन मिलों की कुल अनुमानित कीमत करीब 1 हजार करोड़ रुपये बताई जा रही है। आरोप है कि इन संपत्तियों को काली कमाई से खरीदा गया था।
ED अधिकारियों के अनुसार, हाजी इकबाल ने अवैध कमाई से कई संपत्तियां खड़ी की थीं। इनमें ग्लोकल यूनिवर्सिटी भी शामिल है, जिसे एक चैरिटेबल ट्रस्ट के माध्यम से संचालित किया जा रहा था। साल 2024 में ED ने मनी लॉन्ड्रिंग और अवैध खनन के आरोप में लगभग 4,440 करोड़ रुपये की इस यूनिवर्सिटी को जब्त किया था।
हाजी इकबाल ने सहारनपुर में एक छोटी परचून की दुकान से अपना व्यापार शुरू किया था। बाद में उन्होंने शहद का कारोबार किया और फिर राजनीति में कदम रखते हुए बसपा से जुड़ गए। बसपा से जुड़ने के बाद उन्होंने सहारनपुर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अवैध खनन का कारोबार शुरू किया। बसपा सरकार के कार्यकाल में खनन के ठेके, जमीन के सौदे और अन्य गतिविधियों के जरिए उन्होंने हजारों करोड़ रुपये की संपत्ति अर्जित की। आरोप है कि तीनों चीनी मिलें भी उन्होंने काफी कम कीमत पर खरीदी थीं।
वर्ष 2017 में सरकार के निर्देश पर पुलिस ने उनके खिलाफ अवैध खनन और आय से अधिक संपत्ति के मामलों में कार्रवाई शुरू की थी। हालांकि, गिरफ्तारी से पहले ही वह वर्ष 2022 में दुबई फरार हो गए। इसके बाद ED ने उन्हें कई बार जांच में शामिल होने के लिए बुलाया, लेकिन वह पेश नहीं हुए।