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CM Helpline Employees Protest: लखनऊ में फूटा कर्मचारियों का गुस्सा, 1076 हेल्पलाइन स्टाफ का सीएम आवास की ओर जोरदार मार्च

लखनऊ में सीएम हेल्पलाइन कर्मचारियों ने शोषण और वेतन विवाद को लेकर प्रदर्शन किया। 200 से अधिक कर्मचारी नारेबाजी करते हुए मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर कूच कर गए।

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लखनऊ

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Ritesh Singh

Apr 02, 2026

1076 हाय-हाय’ के नारों के बीच मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर कूच, पुलिस ने रोका (फोटो सोर्स : भाषा WhatsApp News Group)

1076 हाय-हाय’ के नारों के बीच मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर कूच, पुलिस ने रोका (फोटो सोर्स : भाषा WhatsApp News Group)

CM Helpline1076  Employees Protest:  राजधानी लखनऊ में गुरुवार को  उस समय माहौल तनावपूर्ण हो गया, जब सीएम हेल्पलाइन (1076) से जुड़े करीब 200 से अधिक कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारी कर्मचारी ‘1076 हाय-हाय’ के नारे लगाते हुए मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर कूच करने लगे। अचानक हुए इस विरोध प्रदर्शन से प्रशासन में हड़कंप मच गया और मौके पर भारी पुलिस बल तैनात करना पड़ा।

सुबह की शिफ्ट से शुरू हुआ प्रदर्शन

जानकारी के अनुसार, यह प्रदर्शन सुबह करीब 9:30 बजे शुरू हुआ, जब सुबह की शिफ्ट के कर्मचारी एकजुट होकर लोहिया पथ के रास्ते मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर बढ़ने लगे। कर्मचारियों का यह समूह तेजी से आगे बढ़ता गया, जिससे शुरुआत में पुलिस उन्हें रोकने में असफल रही। प्रदर्शनकारियों की संख्या धीरे-धीरे बढ़ती गई और वे संगठित तरीके से नारेबाजी करते हुए आगे बढ़ते रहे। ‘1076 हाय-हाय’ और ‘शोषण बंद करो’ जैसे नारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा।

पुलिस की कई बार कोशिश, फिर भी नहीं रुके कर्मचारी

पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए कई बार प्रयास किए। लोहिया पार्क तक पहुंचने से पहले पुलिस ने चार बार कर्मचारियों को रोकने की कोशिश की, लेकिन हर बार कर्मचारी आगे बढ़ने में सफल रहे। इससे पुलिस प्रशासन की तैयारी पर भी सवाल उठने लगे।

स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए धीरे-धीरे अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया। इसके बाद लोहिया पार्क पार करने के बाद संगीत नाटक अकादमी के पास बैरिकेडिंग कर दी गई, जहां पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने की पूरी कोशिश की।

बैरिकेडिंग के बाद बल प्रयोग

जब प्रदर्शनकारी कर्मचारी बैरिकेडिंग के बावजूद नहीं रुके और आगे बढ़ने का प्रयास करते रहे, तो पुलिस ने सख्ती दिखाते हुए बल प्रयोग शुरू किया। पुलिसकर्मियों ने प्रदर्शनकारियों को बलपूर्वक पकड़कर सड़क किनारे हटाना शुरू किया। इस दौरान कई कर्मचारियों को घसीटते हुए हटाया गया, जिससे माहौल और अधिक तनावपूर्ण हो गया। घटना स्थल पर मौजूद लोगों के अनुसार, कुछ कर्मचारियों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की भी हुई। हालांकि, पुलिस ने स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए संयम बरता और किसी बड़े टकराव से बचने की कोशिश की।

कर्मचारियों का आरोप: काम के दौरान शोषण

प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों ने अपनी समस्याओं को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। एक कर्मचारी ने रोते हुए बताया कि सीएम हेल्पलाइन में काम करने के दौरान उनका शोषण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कार्यालय में प्रवेश करने से पहले उनका मोबाइल फोन जमा करा लिया जाता है, जिससे वे बाहरी दुनिया से पूरी तरह कट जाते हैं।

कर्मचारी ने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें हर महीने 15,000 रुपये वेतन देने का वादा किया गया था, लेकिन वास्तव में केवल 7,000 रुपये ही दिए जा रहे हैं। इसके अलावा, दो महीने की सैलरी भी रोके जाने की बात सामने आई है, जिससे कर्मचारियों में भारी नाराजगी है।

 वेतन और कार्य शर्तों को लेकर नाराजगी

प्रदर्शनकारी कर्मचारियों का कहना है कि वे लंबे समय से वेतन वृद्धि, समय पर भुगतान और बेहतर कार्य परिस्थितियों की मांग कर रहे हैं, लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही है। उनका आरोप है कि काम का दबाव अधिक है, लेकिन सुविधाएं और वेतन बेहद कम हैं।कर्मचारियों ने यह भी कहा कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं की गई, तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन करने को मजबूर होंगे।

 प्रशासन की प्रतिक्रिया

घटना के बाद प्रशासनिक अधिकारियों ने स्थिति पर नजर बनाए रखी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रदर्शनकारियों को शांतिपूर्ण तरीके से समझाने का प्रयास किया गया, लेकिन जब वे नहीं माने तो हल्का बल प्रयोग करना पड़ा। प्रशासन ने यह भी संकेत दिया है कि कर्मचारियों की मांगों को संबंधित विभाग तक पहुंचाया जाएगा और समाधान निकालने की कोशिश की जाएगी।

 शहर में यातायात प्रभावित

इस प्रदर्शन का असर शहर के यातायात पर भी पड़ा। लोहिया पथ और आसपास के क्षेत्रों में कुछ समय के लिए यातायात बाधित रहा। पुलिस ने वैकल्पिक मार्गों का सहारा लेकर स्थिति को सामान्य करने की कोशिश की।