लखनऊ

जानें- क्या है लखनऊ म्युनिसिपल कॉरपोरेशन बॉण्ड? निवेश करने पर आपको मिलेगा अच्छा रिटर्न

- बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध हुआ लखनऊ म्यूनिसिपल कॉरपोरेशन बांड - म्यूनिसिपल बांड में निवेश के जरिए जहां नगर निगम जरूरी पैसे जुटाएगा, वहीं निवेशकों अच्छा रिटर्न मिलेगा

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Dec 02, 2020
मुम्बई में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बीएसई में बेल बजाकर इसका शुभारम्भ किया

पत्रिका न्यूज नेटवर्क
लखनऊ. 02 दिसम्बर को लखनऊ नगर निगम बॉन्ड (Lucknow Municipal Corporation Bond) बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) में सूचीबद्ध हो गया। बुधवार को मुम्बई में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) ने बीएसई (Bombay Stock Exchange) में बेल बजाकर इसका शुभारम्भ किया। इसी के साथ ही लखनऊ नगर निगम बॉन्ड जारी करने वाला उत्तर भारत का पहला नगर निगम बन गया है। इसके माध्यम से न केवल नगर निगम पैसे जुटाएगा, बल्कि निवेशकों को अच्छा मुनाफा भी मिलेगा। पहले दिन लखनऊ म्युनिसिपल कॉरपोरेशन बॉन्ड के जरिए आज 200 करोड़ रुपये जुटाए गये। आइए जानते हैं कि आखिर म्युनिसिपल कॉरपोरेशन बॉन्ड क्या होते हैं और इसमें निवेश (Envestment) करने वाले को क्या फायदे मिलते हैं।

लखनऊ म्युनिसिपल कॉरपोरेशन बॉण्ड में निवेश के फायदे से पहले यह भी जान लीजिए कि 'म्युनिसिपल या नगर निगम बॉण्ड' होते क्या हैं। 'बॉन्ड' एक तरह का साख पत्र होता है, जिसके तहत आम लोगों व संस्थाओं से धन जुटाया जाया है। यह बॉन्ड शहरी स्थानीय निकायों द्वारा जारी किए जाते हैं। नगर निगम को जब अपने प्रोजेक्ट पूरा करने, सड़क या स्कूल बनाने या सरकारी कामों के लिए पैसे की जरूरत होती है तो वह भी बॉण्ड जारी कर सकता है। इस तरह के बॉण्ड को म्युनिसिपल बॉण्ड कहते हैं।

कौन जारी कर सकता है बॉन्ड
वर्ष 2015 में सेबी ने शहरी निकायों के लिए म्युनिसिपल बॉन्ड जारी करने के लिए दिशा-निर्देश जारी किये थे। निर्देशों के मुताबिक, जिन नगर निगमों का नेटवर्थ लगातार पिछले तीन वित्त वर्ष तक निगेटिव नहीं रहा हो और न ही वह बीते वर्ष में डिफाल्टर रहे हैं। ऐसे नगर निगम अपना बॉन्ड जारी कर सकते हैं।

निवेश के फायदे
शेयर मार्केट में सूचीबद्ध होने के बाद एक्सचेंज के जरिए आम क्या खास कोई भी निवेश कर सकता है। म्युनिसिपल बॉण्ड काफी सुरक्षित माने जाते हैं और इन पर भी ब्याज दर अच्छी मिल जाती है। जानकारी के मुताबिक, लखनऊ म्युनिसिपल कॉरपोरेशन बॉण्ड की परिपक्वता अवधि (मैच्योरिटी) 10 वर्ष है। मतलब आपको इसमें कम से कम 10 वर्ष के लिए निवेश करना होगा। इस दौरान आपको 8.5 फीसदी की दर वार्षिक ब्याज मिलेगा। बॉन्ड पर मिल रहा रिटर्न पूरी तरह से आयकर मुक्त होता है।

Updated on:
02 Dec 2020 01:38 pm
Published on:
02 Dec 2020 01:32 pm
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