
Kumar Vishwas called Taj Mahal cemetery कुमार विश्वास ने धार्मिक स्थलों को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि आज का युवा आगरा का सफेद कब्रिस्तान देखने के बजाय आध्यात्मिक और धार्मिक स्थलों को महत्व दे रहा है और अयोध्या और वृंदावन जा रहा है। यह परिवर्तन देश में दिखाई पड़ रहा है। कुमार विश्वास अटल बिहारी बाजपेई जयंती के अवसर पर लखनऊ में बोल रहे थे। जिनका यह बयान खूब वायरल हो रहा है। इस मौके पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद थे। कुमार विश्वास ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को जोड़कर संत की परिभाषा बताई। जिस पर जमकर ठहाके लगे।
उत्तर प्रदेश के लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में कुमार विश्वास ने कहा कि तर्क का उत्तर दिया जा सकता है, कुतर्क का नहीं। जिनको लगता है कि यह एक धर्मनिरपेक्ष देश है, तो इतने राम और रामनवमी क्यों हैं? उनको यह समझना चाहिए कि तभी तो सब कुछ चल रहा है। राम हमारे पूर्वज हैं। इसलिए हम लोग इतने सारे क्रिसमस मना रहे हैं। वरना सांता क्लॉज कौन हमारे फूफा जी हैं? देश में सभी का आदर है।
कुमार विश्वास ने कार्यक्रम में आने को लेकर कहा कि मुझे लगा कि यहां आने से बच जाऊं। लेकिन जब उनकी (आमंत्रण देने वालों की) नहीं चली तो उन्होंने महाराज (मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ) का नाम लिया। बताया गया कि महाराज भी आ रहे हैं। इस पर उन्होंने सोचा कि सम्मान से बुलाया जा रहा है, चले जाएं, वरना सम्मन से भी बुलाया जा सकता है।
कुमार विश्वास ने कहा कि हमारे मुख्यमंत्री की पूरे देश में चर्चा होती है। लोग कहते हैं कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ संत हैं, पीठाधीश्वर हैं। अपराध मुक्त प्रदेश की भी चर्चा होती है। इस पर उन्होंने कहा कि संत दो प्रकार के होते हैं। एक संत वे होते हैं जिनसे सज्जन व्यक्ति मिलता है और मोक्ष को प्राप्त कर जाता है। एक हमारे महाराज (मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ) संत हैं। दुष्ट व्यक्ति मिलता है और मोक्ष को प्राप्त कर जाता है।