लखनऊ

ला मार्टीनियर कॉलेज में रैगिंग को रसूख का संरक्षण,पीड़ित को ही निकाला, दर्ज नहीं हुआ केस

ला मार्टीनियर कॉलेज (La Martiniere College) में रैगिंग पीड़ित छात्र को ही निकाला। केस भी नहीं हुआ दर्ज।
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Sep 23, 2017
La Martiniere College Ragging
La Martiniere College Ragging

लखनऊ. राजधानी के प्रतिष्ठित ला मार्टीनियर कॉलेज में रैगिंग को रसूख का संरक्षण इस कदर मिला हुआ है कि आठवीं क्लास के छात्र यश प्रताप सिंह को इंसाफ मिलने की उम्मीद नज़र नहीं आ रही है। शनिवार को भी यश अपने अभिभावकों के साथ इंसाफ के लिए पुलिस और कॉलेज के चक्कर लगाता रहा है। लेकिन आरोप है कि ला मार्टीनियर कॉलेज के प्रिंसिपल ने पीड़ित परिवार से ठीक से मिलना भी मुनासिब नहीं समझा। यश के कॉलेज में एडमिशन बरकरार रखने और रैगिंग के मामले को लेकर प्रिंसिपल के सामने पहुंचे परिवार वालों को उनके सख्त तेवर का सामना करना पड़ा। प्रिसिंपल ने अभिभावकों को कोर्ट व पुलिस कहीं भी जाकर कार्रवाई करने तक की बात कह दी। वहीं पुलिस और प्रशासन भी इस तेवर के आगे नतमस्तक होता नज़र आया। इसी के चलते लखनऊ जिलाअधिकारी कौशलराज शर्मा के रैगिंग मामले में संज्ञान लेने के बाद भी एफआईआर दर्ज नहीं हुई।

पहले कॉलेज बुलाया फिर उल्टे पाव लौटाया
ला मार्टीनियर कॉलेज में आठवीं कक्षा के छात्र यश प्रताप सिंह के साथ हॉस्टल में सीनियर छात्रों द्वारा रैगिंग को लेकर उसकी माता सविता सिंह और पिता एसपी सिंह ने कॉलेज में शिकायत की थी। परिवार के मुताबिक गत 20 सितंबर को यश के साथ सीनियर छात्रों ने रैगिंग के नाम पर मारपीट की। मामला लखनऊ डीएम और पुलिस तक पहुंचा। इसके बाद ला मार्टीनियर कॉलेज के प्रिंसिपल ने पीड़ित छात्र यश को ही कॉलेज से निकालते हुए परिजनों के हाथ में उसकी टीसी थमा दी। लेकिन यश की मां सविता के मुताबिक इंसाफ की आस में शनिवार को वह बेटे यश, पति एसपी सिंह और परिवार के दो अन्य सदस्यों के साथ पुलिस की मौजूदगी में प्रिसिंपल कार्ले मैकफारलैंड से मिलने कॉलेज पहुंची। लेकिन यहां प्रिंसिपल सिर्फ माता-पिता के सामने बात करने के मुद्दे पर अड़ गए। जब परिजनों ने सबके सामने बात करने को कहा तो प्रिंसिपल ने उन्हें वहां से निकल जाने को कहा। साथ ही बोला कि वह जहां चाहे केस दर्ज कराएं या जो भी जांच करा लें। प्रिंसिपल के इस बात के बाद परिवार वापस लौट गया।
सविता ने बताया कि पुलिस व कॉलेज प्रशासन ने ही पहले कहा था कि वह यहां आकर उन छात्रों की पहचना करें, जिन्होंने उनके बेटे को मारा था। लेकिन वहां बात को और भी उलझा दिया गया।

पीड़ित छात्र का एडमिशन बरकरार रखने से इंकार
सविता ने बताया कि उनके बेटे को सीनियर छात्रों द्वारा मारा गया, उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई। लेकिन उनके बेटे को प्रिंसिपल ने स्कूल से निकाल दिया। सविता ने बताया कि शनिवार को उन्होंने प्रिंसिपल से यहां तक कहां कि यश को इस साल तक वहीं पढ़ने दें। जारी सेशन पूरा होने पर वह खुद ही स्कूल से बच्चे को हटा लेंगे। परिजनों से यह भी विकल्प रखा कि वह यश को हॉस्टल से निकाल लेंगे, लेकिन उसे फिलहाल साल पूरा करने दें। लेकिन प्रिंसिपल उनकी बात मानने को तैयार नहीं हुए।

अभिभावकों को बताने पर भड़के प्रिंसिपल
परिजनों ने आरोप लगाया कि शनिवार को प्रिंसिपल पीड़ित छात्र पर ही भड़क गए कि उसने अपने घर वालों को यह बात क्यों बताई। उन्होंने कहा कि बच्चे को पहले मेरे पास आना चाहिए। वहीं सविता ने कहा कि पिछले दो महीने से उनके बेटे के साथ मारपीट और रैगिंग हो रही थी। इससे पहले भी शिकायत की गई थी। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। आखिरी में नतीजा यह हुआ कि 20 सितंबर को छात्र को सीनियर द्वारा पैरों से मारा गया। इसमें उसकी दाएं हाथ की उंगली में काफी चोट भी आई थी।

बच्चे ही करते ही बच्चों की निगरानी
पीड़ित छात्र यश ने अपने परिजनों को बताया कि उनके सीनियर छात्र ही उनकी निगरानी करते थे। इस दौरान सीनियर कई बार उसने जबरजस्ती अपना काम भी करवाते थे। किसी तरह की शिकायत करने पर उन्हें मारा-पीटा जाता है। जूनियर छात्र अपनी कोई भी समस्या हॉस्टल में सीनियर के द्वारा वार्डन तक पहुंचा सकते थे। लेकिन उन्हीं में से कुछ यश के साथ गलत बर्ताव कर रहे थें।

कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे
शनिवार को भी गौतमपल्ली थाना पुलिस ने पीड़ित परिवार की शिकायत पर मुकदमा दर्ज नहीं किया। परिवार के मुताबिक यहां भी ला मार्टीनियर कॉलेज और उनसे जुड़े लोगों का रसूख काम कर रहा है। ऐसे में उनके सामने कोर्ट के आलावा कोई विकल्प नहीं बचा है। पीड़ित परिवार ने सोमवार को छात्र से रैगिंग और मारपीट मामले में कोर्ट के द्वारा पुलिस को केस दर्ज करने के आदेश देने की अर्जी की बात कही।

क्या कह रही पुलिस
गौतमपल्ली थाना पुलिस के मुताबिक कॉलेज और पीड़ित पक्ष के बीच बातचीत और आरोपी छात्रों की पहचान संभव नहीं हो सकी। जांच में जारी है। जांच में कॉलेज व किसी छात्र की भूमिका होने पर फौरन केस दर्ज किया जाएगा।

डीएम द्वारा गठित दो सदस्यीय जांच टीम
ला मार्टीनियर कॉलेज में रैगिंग मामले की जांच के लिए टीम गठित की है। इसमें एसीएम (प्रथम) और डीआईओएस को जांच का जिम्मा देने के साथ दस दिन के अंदर जांच रिपोर्ट देने के लिए कहा गया है। हालांकि शनिवार को जब सविता ने पुलिस द्वारा केस दर्ज न होने पर डीएम से बात कि तो उन्होंने भी साफ कर दिया कि पुलिस अपनी जांच करें और डीएम द्वारा गठित टीम अलग जांच करेगी। लेकिन इसके बाद भी केस दर्ज नहीं हुआ।

कॉलेज ने घटना से किया इंकार
ला मार्टीनियर कॉलेज के प्रिंसिपल से रैगिंग की घटना से साफ इंकार कर दिया। प्रिंसिपल का कहना है कि न ही कभी छात्र यश की पिटाई हुई न ही उनके सामने कभी इस संबंध में शिकायत आई।

Published on:
23 Sept 2017 04:11 pm