22 सितंबर 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

<strong>विवरण :</strong> रैगिंग शब्द का इस्तेमाल ज्यादातर भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश और श्रीलंका में होता है। इसका प्रयोग शैक्षणिक संस्थानों में होता है जहां सीनियर विद्यार्थी अपने जूनियर छात्रों के सामने दादागिरी से पेश आते हैं। यह हरकत हानिकारक साबित हो सकती है जहां नए विद्यार्थियों को शारीरिक या फिर मानसिक तौर पर यातनाएं दी जाती हैं। वर्ष २००९ में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने देश के विश्वविद्यालयों पर नियमंन लगाए ताकि रैगिंग पर रोक लगाई जा सके और इसके खिलाफ एक टोल फ्री रैगिंग विरोधी हेल्पलाइन शुरू की।


Top Stories

1

स्मार्ट मीटर लगने के बाद ‘बिजली बिल’ ज्यादा आ रहा तो करें ये 3 काम, ग्वालियर में टेस्टिंग शुरू

2

खतरनाक इरादे से जोधपुर आए पंजाब के 2 शॉर्प शूटर, पूर्व विधायक की रेकी की भी चर्चा, कौन था निशाने पर?

3

Bhopal RTO Officer Murder: मीनाक्षी के इंदौर शिफ्ट होने से नाराज था ब्वॉयफ्रेंड पवन, 15 साल दक्षिण अफ्रीका में की नौकरी

4

ENG vs SL: जो रूट ने इंटरनेशनल क्रिकेट में फिर रचा इतिहास, ODI में तोड़ डाला धोनी और मियांदाद का वर्षों पुराना रिकॉर्ड

5

Iran US Tensions: ईरान के राष्ट्रपति का बड़ा बयान: ‘ताकत के दम पर जनता को नहीं झुकाया जा सकता’, UN में उठाएंगे ये मुद्दे