Raebareli Village News: रायबरेली में जमीनी विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। फायरिंग में एक युवक घायल हुआ, जबकि पुलिस मामले को संदिग्ध मानते हुए सभी पहलुओं से जांच में जुटी है।
Raebareli Firing: रायबरेली जिले के लालगंज कोतवाली क्षेत्र में शनिवार सुबह एक जमीनी विवाद अचानक हिंसक झड़प में बदल गया, जब कथित तौर पर गोलीबारी की घटना सामने आई। इस घटना में एक युवक घायल हो गया, जिसे तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया। हालांकि पुलिस प्रथम दृष्टया इस पूरे मामले को संदिग्ध मान रही है और हर पहलू से जांच शुरू कर दी गई है।
घटना झबरा जगतपुर गांव की है, जहां शनिवार सुबह करीब आठ बजे उस समय हड़कंप मच गया जब गोली चलने की आवाज सुनाई दी। ग्रामीणों के अनुसार, अचानक हुई इस घटना से इलाके में अफरा-तफरी फैल गई और लोग अपने-अपने घरों से बाहर निकल आए। घायल युवक की पहचान अमरेंद्र सिंह (पुत्र संतबख्श सिंह) के रूप में हुई है, जिन्हें बाएं हाथ की तर्जनी अंगुली में गोली लगने की बात सामने आई है।
जानकारी के मुताबिक, गांव के प्रधान प्रतिनिधि रूद्र पाल सिंह और अमरेंद्र सिंह के बीच लंबे समय से जमीन को लेकर विवाद चला आ रहा है। यह विवाद धीरे-धीरे बढ़ता गया और अब यह हिंसक रूप में सामने आया है। अमरेंद्र सिंह का कहना है कि जिस जमीन को लेकर विवाद हो रहा है, उसे उन्होंने विधिवत बैनामा के जरिए खरीदा है। इसके बावजूद विरोधी पक्ष उनसे रंजिश रखता है और लगातार विवाद उत्पन्न कर रहा है।
पीड़ित के अनुसार, घटना के समय वह अपनी पत्नी के साथ गाय बांधने जा रहे थे। जैसे ही वे विवादित जमीन के पास स्थित मंदिर के करीब पहुंचे, तभी एक कार में सवार तीन लोग वहां पहुंचे। आरोप है कि कार से उतरते ही उन्होंने गाली-गलौज शुरू कर दी और देखते ही देखते फायरिंग कर दी। इस दौरान चली गोली अमरेंद्र सिंह के हाथ में जा लगी, जिससे वे घायल हो गए।
गोली चलने की घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। आसपास के लोग घटनास्थल की ओर दौड़े और घायल को संभाला। घायल अमरेंद्र सिंह ने तुरंत पुलिस आपातकालीन सेवा 112 को फोन कर घटना की सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया।
पुलिस टीम ने घायल को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उनका प्राथमिक उपचार किया। फिलहाल उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।घटना की जानकारी मिलते ही क्षेत्राधिकारी अमित सिंह और कोतवाल पीके सिंह भी अस्पताल पहुंचे और घायल से घटना के बारे में विस्तृत जानकारी ली।
हालांकि पीड़ित द्वारा लगाए गए आरोप गंभीर हैं, लेकिन पुलिस इस मामले को अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं मान रही है। कोतवाल पीके सिंह ने बताया कि प्रथम दृष्टया घटना संदिग्ध प्रतीत हो रही है। उन्होंने कहा कि बिना जांच के किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है, जिसमें घटनास्थल की जांच, गवाहों के बयान और अन्य साक्ष्यों को शामिल किया जा रहा है।
पुलिस इस मामले में कई संभावनाओं पर विचार कर रही है। यह देखा जा रहा है कि क्या वास्तव में फायरिंग हुई या मामला किसी अन्य कारण से उत्पन्न हुआ। घटनास्थल से सबूत जुटाने के साथ-साथ आसपास के लोगों से पूछताछ भी की जा रही है। इसके अलावा, कार सवार आरोपियों की पहचान और उनकी तलाश भी तेज कर दी गई है।
घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल बना हुआ है। पुलिस ने एहतियात के तौर पर इलाके में गश्त बढ़ा दी है ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोका जा सके। स्थानीय लोगों का कहना है कि जमीन को लेकर विवाद पहले भी कई बार सामने आ चुका है, लेकिन इस तरह की हिंसक घटना पहली बार हुई है।
पुलिस और प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी विवाद का समाधान कानून के दायरे में रहकर किया जाना चाहिए, न कि हिंसा के जरिए।