LPG Price Hike Update: यूपी समते देश भर में एक बार घरेलू सिलेंडर के दामों में इजाफा हुआ। अचानक से बढ़ दामों ने लोगों का बजट हिला दिया।
आज यानि शनिवार से एक बार फिर खाना पकाना और महंगा हो गया। महंगाई ने आम आदमी का एक-एक निवाला महंगा कर दिया। 7 मई यानि शनिवार को घरेलू एलपीजी सिलेंडर 50 रुपये और महंगा हो गया है। अब तक 14.2 किलो के आगरा मंडल में घरेलू सिलेंडर की कीमत 962.50 रुपये से कीमत बढ़कर 1012.50 रुपये हो गई है। लखनऊ-कानपुर मंडल में ये दाम 987.5 से बढ़कर 1037.5 हो गए। घरेलू सिलेंडर के दाम बढ़ने से सीधा लोगों के बजट पर असर पड़ा। वहीं, एक मई को व्यावसायिक सिलिंडर की कीमत में 102.50 रुपये की बढ़ोतरी हुई थी। लेकिन 19 किलोग्राम के व्यावसायिक सिलिंडर की कीमत में 10 रुपये की कमी आई है। यह 2398 रुपये की जगह अब 2388 रुपये मिलेगा।
आम आदमी को महंगाई के मोर्चे पर तगड़ा झटका लगा है। आज से खाना बनाना और महंगा हो गया है। ऑल इंडियन गैस डिस्ट्रीब्यूटर्स के अध्यक्ष विपुल पुरोहित ने बताया कि 14.2 किलो के घरेलू सिलिंडर की कीमत बढ़ने पर अब यह 1012.50 रुपये का मिलेगा। 19 किलो के व्यावसायिक सिलिंडर की कीमत में 10 रुपये की कटौती की गई है। हालांकि व्यावसायिक सिलिंडर पर एक फरवरी से एक मई तक करीब 450 रुपये की बढ़ोतरी हो चुकी थी। तीन महीने बाद अब 10 रुपये की मामूली राहत मिली है। आगे भी घरेलू सिलेंडर के दामों में राहत की कोई आशंका नहीं है।
लखनऊ में 1037.5 का मिलेगा सिलेंडर
सिलेंडर की कीमत हर शहर और मंडल में अलग अलग है। लखनऊ-कानपुर मंडल में 14.2 किलोग्राम का घरेलू एलपीजी गैस सिलेंडर 1037.5 रुपये का हो गया है। आगरा मंडल में 1012.5 रुपए हो गई। दिल्ली में 999.50, पटना में 14.2 किलोग्राम घरेलू एलपीजी सिलेंडर 1089.5 रुपये का हो गया है। वहीं, पंजाब में इसकी कीमत 1035 रुपये हो गई है।
चुनाव के बाद महंगाई का कहर
पांच राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव के बाद पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस के दामों में लगातार बढ़ोतरी की जा रही है। 22 मार्च को, सब्सिडी वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर में ₹50 की वृद्धि हुई। इससे पहले 6 अक्टूबर 2021 के बाद घरेलू रसोई गैस सिलेंडर के रेट में कोई बदलाव नहीं हुआ था। घरेलू रसोई गैस की कीमतें लोकल टैक्स के कारण एक राज्य से दूसरे राज्य में अलग-अलग होती हैं। सिलेंडर के दाम के साथ साथ बिजली, सब्जियां और दूध समेत तमाम चीजों में एकदम से महंगाई बढ़ गई, जिससे बजट बिगड़ गया।