लखनऊ

शादियों के सीजन में छाया गैस संकट; कैटरर्स और प्रशासन में खींचतान; नहीं मिल रहे व्यावसायिक सिलेंडर

LPG Gas Crisis in Wedding Season: शादियों के सीजन में गैस का संकट छाया हुआ है। वहीं, कैटरर्स और प्रशासन में खींचतान भी देखने को मिल रही है। आम जनता को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
2 min read
Apr 14, 2026
lpg gas crisis looms during wedding season caterers and administration clash commercial cylinders unavailable
शादियों के सीजन में छाया गैस संकट।

LPG Gas Crisis in Wedding Season: राजधानी लखनऊ में 15 अप्रैल से शुरू हो रही सहालग (शादियों का सीजन) के साथ ही व्यावसायिक गैस सिलिंडरों की भारी किल्लत सामने आने लगी है। इसके बाद मई महीने में जेठ के बड़े मंगल के आयोजन भी शुरू होने वाले हैं, जिससे गैस की मांग और बढ़ने की उम्मीद है। ऐसे में प्रशासन द्वारा प्रति परिवार अधिकतम 8 सिलिंडर देने की सीमा तय करने से लोगों की परेशानियां बढ़ गई हैं।

प्रशासन के पास हजारों आवेदन, मांग पूरी करना चुनौती

विवाह समारोहों के लिए गैस सिलिंडर की मांग को लेकर ADM (नागरिक आपूर्ति) और जिला आपूर्ति अधिकारी के कार्यालयों में अब तक 1,000 से अधिक आवेदन पहुंच चुके हैं। हालांकि प्रशासन सभी आवेदनों के अनुरूप गैस उपलब्ध कराने में असमर्थ नजर आ रहा है, जिससे आयोजनकर्ताओं में चिंता का माहौल है।

कैटरर्स और प्रशासन के बीच बढ़ी खींचतान

गैस वितरण व्यवस्था को लेकर कैटरर्स और प्रशासन के बीच विवाद की स्थिति बनी हुई है। कैटरिंग व्यवसाय से जुड़े लोगों का आरोप है कि प्रशासन कार्ड और निमंत्रण पत्र दिखाने के बावजूद उन्हें सिलिंडर देने से मना कर रहा है। प्रशासन का कहना है कि केवल शादी वाले परिवारों को ही सीधे गैस उपलब्ध कराई जाएगी। इस व्यवस्था से कैटरर्स और मेजबानों दोनों को अलग-अलग प्रयास करने पड़ रहे हैं, जिससे परेशानी और बढ़ गई है।

सहालग और बड़े मंगल के बीच बढ़ेगा दबाव

15 अप्रैल से 14 मई तक सहालग का दौर रहेगा, जबकि 5 मई से जेठ के बड़े मंगल शुरू हो जाएंगे। इस दौरान शहर में बड़े पैमाने पर धार्मिक और सामाजिक आयोजन होते हैं, जिनमें गैस सिलिंडरों की भारी आवश्यकता होती है। ऐसे में आपूर्ति की कमी से आयोजन प्रभावित होने की आशंका है।

लखनऊ की पारंपरिक भंडारा संस्कृति पर असर

लखनऊ की पहचान माने जाने वाले सार्वजनिक भंडारों पर भी इस संकट का सीधा असर पड़ सकता है। उत्तर प्रदेश आदर्श व्यापार मंडल के वरिष्ठ उपाध्यक्ष अविनाश त्रिपाठी (Avinash Tripathi) के अनुसार, शहर में प्रतिदिन 10 से 15 भंडारे आयोजित होते हैं, लेकिन व्यावसायिक सिलिंडर न मिलने से सड़कों पर चूल्हा-भट्ठी चलाना मुश्किल हो जाएगा, जिससे इन आयोजनों में बाधा आ सकती है।

आंबेडकर जयंती पर भी दिखा संकट

टेंट, कैटरर्स एंड डेकोरेशन वेलफेयर एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष विजय कुमार (Vijay Kumar) ने बताया कि डॉ. भीमराव आंबेडकर जयंती के अवसर पर गोमतीनगर स्थित आंबेडकर पार्क में बड़े भंडारे का आयोजन प्रस्तावित था। इसके लिए प्रशासन से छह गैस सिलिंडर की मांग की गई थी, लेकिन समय पर सिलिंडर उपलब्ध नहीं हो सके, जिससे आयोजन प्रभावित हुआ।

समाधान की मांग, प्रशासन पर बढ़ा दबाव

लगातार बढ़ती मांग और सीमित आपूर्ति के चलते लोगों में नाराजगी बढ़ रही है। कैटरर्स, व्यापारी और आम नागरिक प्रशासन से इस समस्या का जल्द समाधान निकालने की मांग कर रहे हैं, ताकि शादी और धार्मिक आयोजनों में कोई बाधा न आए।